अमेठी: अवैध टैक्सी स्टैंड होने से सड़कों पर ही लगता है डग्गामारों का जमावड़ा

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सड़कों पर ‘मौत’ बनकर रफ्तार भर रहे डग्गामार वाहन–?

अमेठी : जिले के हर क्षेत्रों में डग्गामार वाहनों की भरमार है जिनका न तो फिटनेस है और न ही बीमा।यही नहीं, कई वाहन तो 15 साल से भी अधिक पुराने और जर्जर हालत में हैं जिनसे सवारियां ढोई जाती हैं। इनकी मनमानी भी बखूबी चलती है। सड़कों पर ही वाहनों को आड़ा तिरछा खड़ा कर सवारियां भरते रहते हैं। पुलिस भी इनको देखकर कार्रवाई के नाम पर सुविधा शुल्क लेकर किनारा काट लेती है जिससे आवागमन की समस्याएं उत्पन्न हो जाती है। सड़कों पर अतिक्रमण का जाल फैला है तो दूसरी तरफ बचे स्थानों पर भी डग्गामारों ने अपना ठिकाना बना लिया है। बीच सड़कों पर ही वह सवारियों को भरते हैं जिसके चलते मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और जाम की समस्या खड़ी हो जाती है। कोई कुछ बोलता है तो चालक एकजुट होकर आमादा लड़ाई झगड़ा होते हैं।

अमेठी शुकुल बाजार सभी रूटों की अलग अलग होते हैं रेट –
1– (सत्थीन से जगदीशपुर)
किराया – किराया 35 रुपया दूरी 10 किलो मीटर
2– ( इन्होंना से बाजार शुकुल ) किराया 40 – 12 किलो मीटर
3– (बाजार शुकुल से जगदीशपुर) 17 किलो मीटर किराया 50 रुपए
4–(बाजार शुकुल से रानीगंज) 20 किलो मीटर किराया 70 रुपए

आखिर किसकी सह पर चल रहे हैं डग्गामार वाहन –

स्थानीय पुलिस प्रशासन अवैध टैक्सी स्टैंड करवा रहें हैं संचालित , नाम न छापने की शर्त पर वाहन चालक ने बताया की स्टैंड चलाने के एवज में स्थानीय पुलिस अपने पुलिस कर्मियों के माध्यम से एक टैक्सी ड्राइवर को टैक्सी चालन हेतु वसूली के लिए जिम्मेदारी सौंपी जाती हैं वह बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वाहन करते हुए सभी टैक्सियों से पैसा वसूल कर स्थानीय थाने के पुलिस को पहुंचता है जिससे डग्गामार वाहन निर्भीक होकर सड़कों पर फर्राटा भरते हुए नजर आते हैं।

सड़कों पर डग्गामार वाहनों की भरमार है। नियमों की धज्जियां उड़ाकर ऐसे वाहन थाने और पुलिस चौकियों के सामने से फर्राटे भरते हुए निकल जाते हैं, लेकिन पुलिस को इन वाहनों पर कार्रवाई करने की उस समय याद आती है, जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है। बीते कुछ दिनों में इन वाहनों के अनियंत्रित होकर पलटने से कई हादसे हो भी चुके हैं। इन वाहनों में सफर करना खतरे से खाली नहीं है। क्योंकि 5 से 7 सीटर पास वाले इन वाहनों में 18 से 22 सवारियां भरी जाती है। ये कैसे संभव हो सकता है तो फोटो देखकर आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। इतनी सवारियों को कमांडर जीप, टाटा मैक्स, बुलेरो मैक्स में भूसे की तरह अंदर भरने के बाद छतों पर बैठाकर, वाहन के पीछे और साइडों से लटका कर सफर कराया जाता है।

एआरटीओ अमेठी से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बाजार शुक्ल क्षेत्र से इस माह लगभग 30 डग्गामार वाहनों का चालान किया गया है और 10 वाहनों को सीज किया गया है। पीटीओ मनोज शुक्ला को आदेशित किया गया है कि वे बराबर चेकिंग करते हुए कार्यवाही करते रहें। इस समय स्कूली वाहनों पर ध्यान केंद्रित किया है और उनकी जांच कराई जा रही है। आगे भी डग्गामार वाहनों पर कार्यवाही की जाती रहेगी।

अमेठी से रिपोर्ट सुरेन्द्र शुक्ला

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