जिस विभाग के लिये जीवन गुजार दिया,उन्ही ने मुह मोड़ा—-

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नीतिका द्विवेदी


बाबुओं के चक्कर काटते काटते आंखों की रोशनी गवा दी


क्या मौत का इन्तजार कर रहे जिम्मेदार


मोहनलालगंज ।जिस विभाग में 31 साल काम किया आज उसी विभाग के बाबुओं व अधिकारियों की लापरवाही व उदासीनता के चलते 80 साल के बुजुर्ग को अपनी नौकरी में 24 साल की पेंशन का लाभ नहीं पा रहा है। पीड़ित बाबूओ की लापरवाही के चलते कई साल तक दफ्तरों की दौड़ लगाते रहे लेकिन बाबूओ के आगे बुजुर्ग की एक नहीं चली। इसी दौरान शुगर व हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से पीड़ित बुजुर्ग की धीरे-धीरे दोनों आंखों की रोशनी चली गई । जिसके बाद बाबुओं को फोन पर गुहार लगाना शुरु किया। लेकिन बाबूओ ने उनका मोबाइल नंबर ब्लैक लिस्ट में डाल दिया । कई बार कुछ कर्मचारियों ने फोन उठाया भी तो आश्वासन देने के बाद बात करना बंद कर दिया। बुजुर्ग 24 साल की पेंशन का लाभ पाने के इंतजार में जिंदगी काट रहा है।

मोहनलालगंज कस्बे में रहने वाले 80 वर्षीय बुजुर्ग हरीशंकर माली 29 अक्टूबर1966 में मोहनलालगंज तहसील में राजस्व विभाग में राजस्व संग्रह अमीन पद पर नौकरी शुरू की 18 मई 1968 में परमानेंट हुए। सेवा करते हुए 31 अगस्त 1999 में रिटायर हो गए। लेकिन 24 साल की सेवा पूरी होने के बाद उसका लाभ पाने के लिए तहसील से लेकर जिले के अधिकारियों बाबू से चक्कर लगाने शुरू किया । लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया । पीड़ित जब तक आने जाने में सक्षम रहा बाबूओ के आगे दफ्तरों में दौड़ लगात रहा। लेकिन हाई ब्लड प्रेशर व शुगर की बीमारी के चलते धीरे-धीरे बुजुर्ग की दोनों आंखों की रोशनी चली गई


अब बाबू फोन तक नहीं उठाते——-


आंखों की रोशनी जाने के बाद तहसील से लेकर जिले के बाबू के यहां दौड़ लगाना बंद हो गया। पीड़ित ने बाबूओं को फोन पर गुहार लगाना शुरू किया लेकिन कुछ दिन तक तो बाबू ने फोन पर आश्वासन दिया लेकिन बाद में एक बाबू ने तो उनका नंबर ही ब्लैक लिस्ट में डाल दिया। और कई अन्य कर्मचारियों ने फोन उठाना तक बंद कर दियाI


दलाल भी हुए सक्रिय——


पीड़ित ने बताया कि एक दलाल ने भी उन्हें 30 परसेंट कमीशन लेने के बाद पेमेंट दिलाने का आश्वासन दिया । लेकिन वह भी कुछ दिन बाद नगद पैसे की मांग करने लगा मना करने पर वापस चला गयI


अपनो के मुह मोड़ने का दर्द है—–


पीड़ित हरिशंकर बताते हैं कि जब तक नौकरी में रहे सरकार की सेवा करते रहे लेकिन रिटायर होने के बाद अपने ही विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों ने किनारा कर लिया उन्हें इसी बात का कष्ट है कि अपने ही विभाग के बाबू और कर्मचारी की लापरवाही के चलते उन्हें 24 साल के पेंशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है


क्या मित्र की तरह उन्हें भी मौत के बाद मिलेगी मदद—-


हरिशंकर माली बताते हैं कि उनके मित्र कृष्ण कुमार को भी उनके साथ 24 साल की सेवा का लाभ मिलना था । उनके साथ ही दोनो लोगो ने अधिकारियों से 24 साल की पेंशन देने के गुहार लगाई थी। लेकिन जब तक उनके मित्र जिंदा रहे उन्हें भी बाबू की लापरवाही के चलते 24 साल के पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया । उनके मित्र की मौत के एक साल बाद तत्कालीन डीएम कौशल राज शर्मा के प्रयासों से लाभ मिल सका था । पीड़ित का कहना है राजस्व विभाग के बाबू उनकी भी मौत का शायद इंतजार कर रहे हैं

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