छात्र/छात्राओं को पराली व फसल अवशेष न जलाये जाने की जानकारी देकर किया गया जागरूक

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मनीष अवस्थी


रायबरेली: पूर्व माध्यमिक विद्यालय, दरीबा में कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अन्तर्गत कक्षा 6,7 व 8 के 100 छात्र/छात्राओं को जागरूक किया गया इस कार्यक्रम की संचालन डा0 दीपाली चैहान ने छात्राओं को फसल अवशेष न जलाने के बारे में जानकारी देने के साथ ही बताया कि इससे जहरीली गैस आसमान में ओजोन की लकीर बनाती है, जो वातावरण को प्रदूषित करती है साथ ही मनुष्य के स्वास्थ्य को भी खराब करती हैै। इसी के साथ बच्चों को फसल सुरक्षा और पराली न जलाने पर निबंध लिखने को दिया गया साथ ही वाद-विवाद प्रतियोगिता करायी गयी इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र की अध्यक्ष ने बच्चों से कुछ सवाल पूछें। कि बच्चों इसको कानूनी अपराध घोषित कर दिया गया है। बताओ जुर्माना कितना है। एक बच्चे ने बताया 15000/रू0, दूसरा सवाल पराली जलाना पाप क्यों हैं ? बच्चे ने बताया कि उससे जमीन के सूक्ष्म जीव मर जाते है जो हमारी जमीन को उपजाऊ बनाते है। सूक्ष्म जीवों को जलाना पाप है। तीसरा सवाल जब पराली जलती है तो आसमान में पर्त बनती है वह किस रसायन की होती है बच्चे ने बताया गया कि ओजोन की। इस पर अध्यक्ष/वरि0 वैज्ञानिक के0वी0के0 नीलामा कुवर ने इन तीनों बच्चों को प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार से नवाजा और कहा कि बच्चों तुम महान हो। अब बताओं यदि तुम्हारे माता-पिता ने फसल जलाई तो क्या करोगें। सभी बच्चों ने बताया कि कहेंगें फसल ना जलाओ यह पाप है। हमें अपनी जमीन खराब नहीं करनी है। इस अवसर पर अध्यक्ष ने बच्चों को पुरस्कार के साथ-साथ स्टेशनरी किट दी तथा साथ ही बच्चों को रिफ्रेशमेंट भी दिया गया। इस कार्यक्रम में स्कूल के सभी अध्यापक उपस्थित रहे।

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