बुराइयों को त्याग कर ही शिव को प्रसन्न किया जा सकता है -संत उमाकांत जी महाराज

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नीतिका द्विवेदी

शिव रात्रि के पावन पर्व अवध शिल्प ग्राम में आयोजित दो दिवसीय सत्संग समारोह के दूसरे दिन समापन के अवसर पर बाबा जयगुरुदेव जी महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत जी महाराज ने अपने भक्तों को सत्संग का रस पान कराते हुए कहा कि यह संसार ही दुखों का सागर है यहाँ पर कोई सुखी नहीं है यहाँ पर सभी रोते ही रहते हैं किसी की कमी पूरी ही नहीं हुई इसके वावजूद लोग माया की छाया में इस तरह भ्रमित है जैसे उन्हें इस नश्वर शरीर को छोड़कर जाना ही नहीं आजकल लोगो को धन ,बल , बुद्धि, पद, प्रतिष्ठा का अहंकार हो गया है ,जो मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन है, अहंकार आने पर व्यक्ति बुरे से बुरा काम कर डलता है।
महाराज जी ने भगवान शिव की पूजा के बारे में बताते हुए कहा कि बेल पत्र, गन्ना, बेर आदि
चढ़ाने से भगवान शिव प्रसन्न नही होते बल्कि लोग अपनी बुराइयों को त्याग कर अच्छे कर्म करने लगे तो भगवान को प्रसन्न किया जा सकता है।
आगे उन्होंने कहा कि लोगो को चरित्र को बचा कर रखना चाहिए चरित्र के जाने के बाद सब कुछ चला जाता है जब देश के बच्चे चरित्र वान होंगे तो देश उन्नति करता है।सभी को देश प्रेम बनाये रखना चाहिए तोड़ फोड़ धरना घेराव से दूर रहना चाहिए ।
शाकाहार के बारे मे बताते हुए कहा कि शराब जैसे बुद्धि नाशक नशे का परित्याग करना चाहिए, शराब पापो कि जननी है, जिसके पीने के बाद मनुष्य को अच्छे बुरे की पहचान खत्म हो जाती है। दूषित भोजन माँस का परित्याग कर देना चाहिए आगे माँसाहार से ऐसी-ऐसी ला इलाज बीमारियां आ रही है जिनका इलाज डॉक्टरों के पास नही है आगे उन्होंने कहा कि अगर आज ही शराब और मांस देश मे बंद कर दिया जाये तो देश में 50 प्रतिशत अपराध और भ्रष्टाचार आज ही खत्म हो जायेगा ।महाराज जी ने कहा कि आगे का समय बहुत ही दुखदायी है 2021 पिछले 2020 से ज्यादा खराब है इस खराब समय से बचने के लिए सभी को अपने- अपने घरों में रोज सोने से पहले औऱ सुबह उठने के समय जयगुरूदेव नाम ध्वनि बोलने से फायदा मिलेगा।कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी नागेश्वर दुवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश ही नही देश के विभिन्न प्रान्तों के अनुयायी उपस्थित हुए है इस कार्यक्रम के आयोजको में प्रमुख रूप से बागेश्वर दुवेदी, संतोष सिंह, मंगू लाल, कन्हैया लाल गुप्ता लक्ष्मण सिंह, सुनील दत्त सिंह, श्रवण कुमार सोनकर,पी डी पाण्डेय, आर पी त्रिपाठी, सुभाष गुप्ता, लल्लू वर्मा, कृष्णा नन्द दुवेदी, आलोक माथुर,दीपक श्रीवास्तव ,नितिन सोनकर ,राजेश मौर्या, शशि कांत ,बलवंत सिंह,ललित शुक्ला ,सत्य प्रकाश शुक्ला,रामनयन पाल लोग सामिल है।

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