कोरोना से नही साहिब क़े फरमान से सहमे शिक्षक !

0
734

अमित त्रिपाठी महराजगंज रायबरेली

रायबरेली: कोरोना वैश्विक महामारी को लेकर खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश जारी करने से परिषदीय शिक्षको क़े कोरोना पाजिटिव मिलने क़े बावजूद संपर्क में आए दूसरे शिक्षको द्वारा मजबूरन विद्यालय खोल महामारी को आंख दिखाया जा रहा।
मालूम हो क़ी क्षेत्र क़े प्राथमिक विद्यालय भटसरा,कस्बा महराजगंज,जूनियर विद्यालय अंदूपुर क़े शिक्षको एवं ओथी, मझिगवा स्थित प्राइमरी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षको क़े परिजनो क़ी कोरोना रिपोर्ट पाजिटिव आई है बावजूद इन विद्यालयों क़े शिक्षको एवं रसोइयों को होम क्वार्नटीन का आदेश देने क़े बजाए खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार द्वारा जबरन विद्यालय खुलवाया जा रहा जिससें शिक्षको में भय व्याप्त है।

मालूम हो क़ी परिषदीय विद्यालयों में शिक्षको द्वारा इन दिनो अभिभावकों को ड्रेस एवं पुस्तक वितरण का कार्य भी किया जा रहा। यही नही कोरोना पाजिटिव शिक्षको एवं प्राइमरी कांटेक्ट में आए शिक्षको द्वारा भी खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा विजय किरन आनन्द (महानिदेशक स्कूल शिक्षा) का आन ड्यूटी(वर्क फ्राम होम) स्पष्ट आदेश जारी होने क़े बावजूद शिक्षको का शोषण किया जा रहा । 31 अगस्त को जारी आदेश में खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार क़े तुगलकी फरमान यदि कोई शिक्षक, अनुदेशक, शिक्षामित्र कोरोना क़ी चपेट में आतें है तो पहले वह अपना चिकित्सक़ीय प्रमाण पत्र बीएसए कार्यालय में प्रस्तुत करेगे अवकाश स्वीकृत होने क़े बाद ही विद्यालय छोडेंगे अन्यथा अनुपस्थित माने जाएगे। अब ऐसी दशा में कोरोना पाजिटिव शिक्षक अथवा प्राइमरी कांटेक्ट शिक्षक होम क्वार्नटीन हो, इलाज कराए अथवा साहब क़े तुगलक़ी फरमान का पालन कर बीएसए आफिस क़े चक्कर लगावे। ऐसे आदेश क़े चलते परिषदीय शिक्षको में आक्रोश देखा जा रहा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.