रायबरेली: अंधविश्वास ने पांच वर्षीय बालक की जान ले ली।

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मनीष अवस्थी


रायबरेली में अंधविश्वास ने पांच वर्षीय बालक की जान ले ली।निसंतान चाचा ने संतान के लिए अपने मासूम भतीजे का सिर फोड़ कर मार डाला।तंत्र मंत्र के बाद शव को पास के ही तालाब में डाल दिया।बच्चे को पांच दिन तक कैद में रखने के बाद उसकी हत्या की गई।मामला नसीराबाद थाना इलाके के पूरे शिव प्रसाद गांव का है।
पूरे शिव प्रसाद गांव के रहने वाले हरिश्चन्द्र पासी का पांच वर्षीय बेटा रुद्र 29 नवम्बर को घर के बाहर से लापता हो गया था।पांच दिन बाद 3 दिसम्बर को बच्चे का शव घर के पास तालाब से बरामद हुआ था।बच्चे के सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था।परिजनों ने हत्या की आशंका जताई तो पुलिस खोजबीन में जुट गई।लखनऊ से डॉग स्क्वायड बुलाकर घटना स्थल पर ले जाया गया तो कुत्ते पड़ोस में रहने वाले चाचा के घर पर रुक गए।पुलिस ने पूछताक्ष के लिए हरिश्चन्द्र के चचेरे चाचा रामकेतार को उठाया तो थोड़ी सख्ती के बाद ही वह टूट गया।रामकेतार ने बताया कि वह तांत्रिक है।उसका बेटा बालगोविंद निसंतान है।इसी कारण उसकी पत्नी भी मायके चली गई है।बेटे बालगोविंद की संतान के लिए बालक की बली चाहिए थी।बली भी परिवार के ही किसी सदस्य के संतान की चाहिए थी।इसीलिए पड़ोस में रहने वाले चचेरे भतीजे हरिश्चन्द्र के बेटे रुद्र को अगवा कर लिया गया।चार दिन तक घर में बंधक बनाकर रखने के बाद मैंने अपने दो बेटे और दो बेटियों के साथ तांत्रिक क्रियाओं को पूरा करते हुए उसे मार डाला।बाद में उसका शव पास के तालाब में फेंक दिया।

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