नवजात शिशुओं के लिए वरदान साबित हो रही केएमसी

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केएमसी लाउन्जों में नवजात शिशुओं और माताओं की हो रही सम्मानजनक जनक देखभाल


केएमसी से 6 दिन में 2030 ग्राम से बढ़कर 2105 ग्राम हुआ नवजात शिशु का वजन


केएमसी से प्रभावित होकर बच्चे की दादी मां बोली दिन दूनी रात चौगुनी तरक्की करें केएमसी लाउंज


केएमसी के जादू से नवजात शिशुओं का हो रहा तीव्र गति से शारीरिक एवं मानसिक विकास


रायबरेली। (अंगद राही ) रायबरेली के शिवगढ़ राजमहल में स्थित कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब सक्षम शिवगढ़ की वैज्ञानिक सलाह एवं तकनीकी सहयोग से आज रायबरेली ही नहीं समूचे यूपी में केएमसी क्रांति का डंका बज रहा है। जीवनदायिनी केएमसी के जादुई करिश्मे को देखते हुए कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब,एनएचएम और राज्य सरकार के समन्वित सहयोग से यूपी में 179 केएमसी लाउंज स्थापित किए जा चुके हैं।जिनमें समय से पूर्व जन्मे अपरिपक्व एवं कम वजन के नवजात शिशुओं की सम्मानजनक वीआईपी देखभाल हो रही है। हर नवजात शिशु और मां की सम्मानजनक देखभाल हो,उन्हे उनका अधिकार मिले जिसको लेकर सीईएल के संस्थापक डॉ.विश्वजीत कुमार व सीईएल की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सीईओ एवं वैज्ञानिक आरती कुमार हमेशा प्रयासरत रहती हैं। यूपी के बदायूं जनपद के ब्लॉक उझानी अंतर्गत गांव साहूकरा, मोहल्ला आलोक डॉक्टर की चौकी की रहने वाली सोफिया पत्नी नदीम ने बताता कि प्रसव के 2 घंटे बाद ही हमें केएमसी लाउंज भेज दिया गया जहां हम 6 दिन रुके और वहाँ हमने बच्चे को लगातार केएमसी दी। केएमसी के चमत्कार से 6 दिन में ही हमारे बच्चे का वजन 2030 से बढ़कर 2105 ग्राम हो गया। सबसे खास बात यह रही कि केएमसी लाउंज में नर्स दीदी इतने अच्छे से देखभाल कर रही थी की मुझे एहसास ही नहीं हुआ कि हम अस्पताल में है। नर्स दीदी रात भर नही सोती थी, रातभर जागकर हमारे बच्चे की देखभाल करती थी, जरा सी दिक्कत होने पर तुरन्त दवा लेकर आती थी,और रात भर पास बैठकर एक मां की भांति हमारा और हमारे बच्चे का खयाल रखती थी। हमें विश्वास नहीं हो रहा था कि सरकारी अस्पताल में भी ऐसा हो सकता है, एक प्राइवेट अस्पताल से भी ज्यादा सुविधाएं और स्टाफ नर्स दीदी का अपनापन यह सब वाकई आश्चर्यजनक था। सोफिया ने बताया कि जब केएमसी लॉउन्ज में थी तो दूसरे बेड पर एक मां ऐसी थी जिन्होंने जुड़वा बच्चे को जन्मदिन दिया था। उनकी सहायता करने वाला कोई नहीं था वह अपने बच्चों को संभाल नहीं पा रही थी। जिन्हें देखकर नर्स दीदी ने उनके सिर पर हाथ फेरते हुए कहा परेशान बिल्कुल ना हो एक बच्चे को संभालिए एक बच्चे को मैं संभाल लूंगी, नर्स दीदियां स्वयं उनके बच्चे को केएमसी देती थी, इतना ज्यादा अपनापन हमने आज तक नहीं देखा यह सब हमेशा यादगार रहेगा। केएमसी से प्रभावित होकर बच्चे की दादी मां ने कहा अल्लाह ताला से दुआ है कि आप लोग और केएमसी लाउंज दिन- दूनी रात चौगुनी तरक्की करें। स्टाफ नर्स ज्योति ने बताया कि मां के साथ कोई सहयोग करने के लिए नहीं था इसलिए मैं, प्रतिभा और ऋचा सिस्टर मिलकर उनकी मदद करते थे, उनकी मदद करना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी थी।

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