कोविड अस्पताल कचरे का सही से निस्तारण करें -पीजीआई ने वेबिनार के जरिये मेडिकल कालेजों को बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन की जानकारी दी

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नीतिका द्विवेदी
मोहनलालगंज।कोविड अस्पतालों से निकलने वाले बायोमेडिकल वेस्ट (कचरे) का यदि ठीक से रखरखाव और निस्तारित नही किया गया तो यह लोगों को बीमार कर सकता है। यह कचरा ज्यादा संक्रमित है। इस कचरे को बायोडिग्रेडेबल बैग में रखें। इसे तीन परत वाले बैग में रखने के प्रावधान है। हर परत में रसायन डाला जाता है।
इस काम में लगे कर्मियों को पीपीई किट पहनना जरूरी है। ताकि कोई संक्रमित न हो। यह जानकारी पीजीआई के अस्पताल प्रशासन विभाग के प्रमुख डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने “कोविड-19 बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन: सिद्धांत और व्यवहार” विषय पर आयोजित वेबिनार में 54 मेडिकल कालेजों के स्वास्थ्य कर्मियों को कचरे के रखरखाव और निस्तारण की जानकारी दी।

डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि पीजीआई कोविड अस्पताल से निकलने वाले प्लास्टिक कचरे को ऑटो क्लोविंग और नॉन प्लास्टिक कचरे को 800 से 1200 डिग्री सेंटीग्रेड पर जलाया जाता है। पीजीआई में कचरा निस्तारण का प्लांट लगा है। रोजाना दो से ढाई हज़ार किलो ग्राम कचरा निस्तारित किया जाता है। इसमें मास्क, पीपीई किट समेत अन्य कचरा शामिल है। कार्यशाला के वैज्ञानिक सत्र में नीति आयोग और संस्थान के निदेशक डॉ. आरके धीमन और सीएमएस डॉ. अमित अग्रवाल ने कचरे के प्रबंध की जानकारी दी। पीजीआई के अस्पताल प्रशासन विभाग द्वारा आयोजित वेबिनार में प्रदेश के 54 मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।

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