अभिभावकों क़ी पीड़ा- पेट भरे या फीस ?

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अमित त्रिपाठी
महराजगंज रायबरेली। लाकड़ाउन क़ी मार से जहां परिवार रोजी रोजगार छिनने से आर्थिक तंगी क़ी मार झेल रहे। वही क्षेत्र क़े कई निजी विद्यालय अभिभावकों क़े मोबाइल पर मैसेज भेज बच्चे क़ी बकाया फीस क़ी मांग कर रहे। जिससें क्षेत्र क़े गरीब अभिभावक मानसिक तनाव से पीड़ित व अवसादग्रस्त देखे जा रहे।
बताते चले क़ी विगत दिनो क्षेत्र क़े एम.डी.एस पब्लिक स्कूल क़े प्रबन्क अमित श्रीवास्तव द्वारा लाकड़ाउन क़े दौरान अप्रैल, मई, जून क़ी फीस माफ कर अभिभावकों को राहत देने क़े साथ अन्य निजी विद्यालयों को आगे आने क़ी प्रेरणा दी है। किन्तु प्रतिस्पर्धा क़े बजाए अन्य विद्यालय अभिभावकों क़े मोबाइल को हथियार बना मासिक, वार्षिक फीस क़े साथ साथ ट्रांसपोर्ट क़े नाम पर बकाया दिखा वसूली अभियान तेज किए है। मामले में कई अभिभावकों ने बताया क़ी क्षेत्र क़े नामी विद्यालयों द्वारा आन लाइन पढ़ाई क़े नाम पर फीस देने का दबाव बनाया जा रहा,रोजी रोजगार सब खत्म हो चला है अब अपना व बच्चों का पेट भरे या फीस समझ क़े परे है, वही कई विद्यालयों क़े प्रधानाचार्य ने बताया क़ी अभिभावकों को परेशान देख फीस माफी क़ी वार्ता प्रबंधक तंत्र से चल रही जल्द ही विद्यालय द्वारा फैसला लिया जाएगा।

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