डिप्टी सीएम के औचक निरीक्षण का नहीं हुआ कोई असर

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सीएचसी में तैनात कर्मचारी ने मरीज के परिवारी जनों के साथ की अभद्र भाषा में बात


कहां हां मेरी ड्यूटी सोने की है क्या कर लोगे


मरीज कहरता रहा और जनाब सोते रहे


बछरावां रायबरेली। (ऋषी मिश्रा) जी हां बात हो रही है बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की जहां पर बीते सोमवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा, स्वास्थ्य परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री बृजेश पाठक ने औचक निरीक्षण कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अंदर व्याप्त अव्यवस्थाओं एवं कमियों मे जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए सीएचसी अधीक्षक अनिल कुमार जैसल को निर्देशित किया। साथ ही साथ मंत्री बृजेश पाठक ने चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक मरीज हमारे लिए भगवान के समान है। हमें इनके साथ विनम्र भाव से पेश आना है। परंतु मंत्री जी के औचक निरीक्षण के 24 घंटे के अंदर ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां में इसके विपरीत एक वाक्या देखने को मिला। जानकारी के अनुसार आपको बताते चलें कि सोमवार की रात तकरीबन 3:00 से 3:30 बजे के आसपास सनी बाजपेई (मरीज) निवासी ग्राम पोस्ट घुरौना थाना बछरावा के पेट में दर्द होने के कारण वह अपना इलाज कराने बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा था। मरीज सनी बाजपेई की मानी जाए तो उनका कहना है कि मेरे पेट में बहुत ज्यादा दर्द हो रहा था। रात में निजी अस्पताल खुले न होने के कारण जब मैं अपने परिवारी जनों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचा तो वहां मौके पर न तो कोई चिकित्सक मौजूद था और न ही कोई कर्मचारी। काफी छानबीन के बाद परिवारीजनो ने जब एक कमरे के बंद दरवाजे को धक्का दिया तो एक महोदय कमरे में दरी पर सोते हुए नजर आए। जब उनसे परिवारी जनों ने कहा कि आपकी ड्यूटी सोने की है या इलाज करने की। मरीज इतनी देर से कहार रहा है आपको सुनाई भी नहीं दे रहा। तो उन्होंने कहा हां मेरी ड्यूटी सोने की क्या कर लोगे। अब ऐसे में यह प्रश्न उठना लाजमी हो जाता है कि आखिरकार एक तरफ मंत्री जी भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे स्वास्थ्य विभाग को बेहतर बनाने के लिए दिन रात मेहनत कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर बछरावां सीएचसी में तैनात कुछ कर्मचारी मंत्री जी के आदेशों एवं निर्देशों की धज्जियां उड़ाते हुए उनकी मेहनत पर पानी फेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

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