कमीशन खोरी के चक्कर में बाहर से लिखी जा रही दवाइयां, प्रशासन मौन…

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मनीष अवस्थी

हरचंदपुर रायबरेली। कोरोना जैसी महामारी में जहां एक ओर आम आदमी बेरोजगारी व बढ़ती महंगाई से परेशान है, वहीं कमीशन के लालच में गरीबों की जेब पर समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डाका डाला जा रहा है। यहां आने वाला मरीज चिकित्सकों द्वारा अस्पताल के बजाय छोटी पर्ची पर लिखी कमीशन की दवा अपनी जेब ढीली कर बाहर मेडिकल स्टोर से लेने को मजबूर है। सीएचसी के चिकित्सकों के कमीशनबाजी के चक्कर में आम आदमी परेशान है। आपको बता दें कि मामला हरचंदपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है जहां पर रीता देवी पत्नी राकेश कुमार निवासी प्यारेपुर अपना इलाज कराने के लिए सीएचसी और महिला डॉक्टर के पास गयी महिला डॉक्टर ने इलाज के नाम पर बाहर की लगभग 550 रुपये की दवाइयां लिख दी गई और यह कहा गया कि जब तक बाहर की ये दवाई नहीं लेंगे तब तक आपको कोई फायदा भी नहीं होगा जिस पर मजबूर होकर मरीज ने बाहर से दवाई ली।
गौरतलब है कि समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में छुट्टी के दिन को छोड़कर रोजाना ओपीडी लगती है। यहां आने वाले ज्यादातर मरीज ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। मरीज यहां पर यह सोचकर आते हैं कि दवाएं अस्पताल में मुफ्त में मिलेंगी लेकिन जब वह डॉक्टर के पास पहुंचता है तो उसे दवा अस्पताल मे मौजूद रहने के बावजूद चिकित्सक मरीज को एक छोटी पर्ची पर बाहर से कमीशन की दवा लिख देते हैं। ऐसे में उन्हें बाहर का रूख करना पड़ता है और मेडिकल स्टोर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद सभी चिकित्सकों ने अलग-अलग कंपनियों की दवा कमीशन के हिसाब से मेडिकल स्टोरों पर अपने एजेंटों द्वारा उपलब्ध करा रखी है। मोटे कमीशन के लालच में चिकित्सक बाहर की दवाएं पर्चे पर लिखते हैं और गरीब मजदूर के पैसे से डॉक्टर दवा कंपनियों द्वारा मोटा कमीशन कमाते हैं। मामूली बुखार में भी समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हरचंदपुर के डॉक्टर 500 से लेकर 1000 रुपए तक की दवा बाहर से लिख देते हैं। जबकि उन्हें अस्पताल से मिलने वाली नाम मात्र की ही दवा उपलब्ध कराई जाती है। जिससे मरीज या उनके तीमारदारों को चिकित्सक द्वारा लिखी गई कमीशन की दवा मेडिकल स्टोर से मंहगे दामों पर लेनी पड़ रही हैं। इस व्यवस्था के चलते दूरदराज से आए लोग यहां आने पर ऐसी व्यवस्था को कोसते हैं।मामले मे मुख्य चिकित्सा अधिकारी संजय शर्मा से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन फोन उठा नहीं। वहीं जब सीएचसी अधीक्षक शरद कुमार कुशवाहा से दूरभाष पर बात की गई तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा है तो जांच कराकर कार्यवाही की जाएगीl

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