बच्चों में कोविड अनुरूप व्यवहार की आदत डालना जरूरी- सीएमओ

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मनीष अवस्थी


अस्पतालों में बच्चों को लगाये जा रहे जरूरी टीके, उसका लाभ उठाएं


रायबरेली। स्वास्थ्य विशेषज्ञ ऐसा अंदेशा जता रहे हैं कि कोविड की तीसरी लहर सितम्बर और अक्टूबर में आ सकती है जो कि बच्चों को प्रभावित कर सकती है | ऐसे में हमें बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि अभी उनके लिए कोविड से बचाव का कोई टीका नहीं आया है |
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. वीरेंद्र सिंह का कहना है कि हमें बच्चों में बार – बार हाथ धोने, घर से बाहर न निकलने और बहुत जरूरी होने की स्थिति में बाहर निकलने पर मास्क लगाने की आदत को विकसित करना होगा | अगर घर से बाहर निकल रहे हैं तो दूसरों से दो गज की शारीरिक दूरी बनाकर रखने के लिए अभिभावक उन्हें मानसिक तौर पर तैयार करें | इसके साथ ही बच्चों को अन्य बीमारियों से बचाव के लिए निर्धारित टीके लगवाना बहुत ही जरूरी है |
सीएमओ ने बताया- कोरोना कर्फ्यू में भी टीकाकरण हो रहा है | ऐसे में माता-पिता अपने बच्चों को आकर टीका अवश्य लगवाएं ताकि वह पोलियो, हिपेटाइटिस , टीबी, डीपीटी और टिटेनस जैसे बिमारियों से महफूज़ रहें | इसके साथ ही जिन बच्चों को बूस्टर का टीका नहीं लगा है वह भी लगवा लें | सभी अभिभावकों को टीका समय से लगवाना चाहिए | यह टीके जिला महिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी) , प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों और एएनएम सेंटर्स पर लगाये जा रहे हैं |
जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी डी.एस.अस्थाना के बताया- सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (UIP) के तहत भारत सरकार द्वारा निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है, जिसमें डिप्थीरिया , काली खांसी, हिपेटाइटिस बी, मेनिंजाइटिस, टिटेनस, पोलियो, टीबी, खसरा व निमोनिया (हेमोफिल्ट्स इंफ्लुएंज़ा टाइप बी संक्रमण ), जेई प्रभावित जिलों में जेई का टीका तथा यूआईपी के तहत नए टीके जैसे रोटा वायरस, आईपीवी , वयस्क जेई का टीका, न्यूमोकोकल कंजुगेट टीका (पीसीवी) और खसरा-रूबेला (एम-आर ) शामिल हैं |

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