पढ़ई तुंहर द्वार योजना के तहत आयोजित राज्य स्तरीय वेबीनार में स्कूली बालिकाओं को मासिक धर्म स्वच्छता से संबंधित जानकारी दी गई

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मनीष अवस्थी


बिलासपुर। छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों की पढ़ाई रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही महत्वाकांक्षी योजना “पढ़ई तुंहर द्वार”अंतर्गत राज्य स्तरीय वेबिनार के द्वारा विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाते हुए स्कूली छात्राओं के लिए वर्चुअल कार्यक्रम का आयोजन व्याख्याता श्रीमती पूनम सिंह (शा.हा. फरहदा) द्वारा वेबेक्स प्लेटफार्म पर आयोजित किया गया।

पूरे विश्व में 28 मई को विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवस मनाया जाता है । इसकी शुरुआत साल 2014 को हुई थी । इसे मनाने का मुख्य कारण है महिलाओं को पीरियड्स के समय स्वच्छता के लिए जागरुक करना। आज भी इसको लेकर कई भ्रांतियां है जिसे दूर करना महिला स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी है । गौरतलब है कि पीरियड्स 28 दिनों के अंदर आता है और इसलिए 28 मई को यह दिवस मनाया जाता है।

वेबिनार/वर्चुअल मीटिंग में महिलाओं के स्वास्थ्य, स्वास्थ्य रक्षा, महिलाओं को अज्ञानतावश होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए मध्य दिल्ली की सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. सरिता मित्तल ने मार्गदर्शन किया। सुप्रसिद्ध चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. मित्तल वर्तमान में दिल्ली एसडीएमसी के मातृ एवं शिशु कल्याण केंद्र में मुख्य चिकित्सा अधिकारी में रूप में सेवारत है। उनके द्वारा पूरे देश में प्रवास कर वनवासी क्षेत्रों की महिलाओं को आरोग्य प्रशिक्षण दिया जाता हैं।

डॉ. सरिता मित्तल ने वेबिनार में पीरियड के दौरान स्वच्छता नहीं बरतने के कारण होने वाले इंफेक्शन के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि कुछ एक सावधानियां बरतकर पीरियड्स के दौरान होने वाले इंफेक्शन से बचा जा सकता है । उन्होंने यह भी कहा कि जो जागरूक छात्रा या महिला इस बारे में जानकारी रखती है वह अपने आसपास के लोगों को जरूर इस विषय पर आगाह करे ताकि जल्द से जल्द समाज में इस मुद्दे को लेकर बदलाव आ सके। डॉ. सरिता मित्तल ने अस्वच्छता के चलते पीरियड्स के दौरान होने वाले इंफेक्शन पर विस्तार से जानकारी दी।

व्याख्याता पूनम सिंह ने कहा कि पीरियड्स की परेशानियों की अनदेखी से शारीरिक और मानसिक सेहत पर बुरा असर पड़ता है। यदि कोई परेशानी है तो इसे छिपाने की बजाय इसके निदान के लिए उचित व्यक्ति या डॉक्टर से सलाह लेने में संकोच नहीं करना चाहिए।

वेबिनार मे अनेकों छात्राओं और शिक्षिकाओं ने जिज्ञासा समाधान के लिए मुख्य वक्ता से प्रश्न भी किए जिनका जवाब डॉ. सरिता मित्तल द्वारा दिया गया। रेवती साहू, आनंदी, आरती, अल्का, ज्योति, भावना ने मुख्य वक्ता से प्रश्न कर समाधान प्राप्त किया। वेबिनार का संचालन शिक्षिका श्रीमती सश्मिता शर्मा ने किया।

वेबिनार कार्यक्रम में बिलासपुर मुंगेली, रायपुर, गरियाबंद, रायगढ़, कोरबा ,बलौदाबाजार, बेमेतरा, सूरजपुर, कोंडागांव जिले सहित छत्तीसगढ़ के अनेक हिस्सों से शिक्षकगण एवं स्कूली छात्राएं शामिल हुए।

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