ज्योना गांव में जरूरतमंदो को मिल रहा राशन, प्रधान प्रति.उमेश कुमार बने गरीबो क़ी आंखो क़े तारे

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रिपोर्ट अमित त्रिपाठी

महराजगंज रायबरेली। आजादी क़े बाद दर्जनो ऐसे जरूरतमंद परिवार जिनके मुखिया क़ी उम्र 60 पार किन्तु राशन कार्ड का अता पता नही। ऐसे परिवारों क़े हाथो क़ी बैसाखी बनी ज्योना गांव क़ी महिला प्रधान शिवानी क़ी सोच हर किसी क़ी जुबान पर है।
बताते चले क़ी विकासखण्ड क्षेत्र के ज्योना गांव
में पूरे बरियार निवासिनी रसीदन (65),पूरे कैलाश क़ी शीतलादेई (70),पूरे स्वयंवर क़ी रानी देवी (65),पूरे उदवत सिंह रामकुमारी (50),पूरे आलिम क़ी रामपती (65) ने बताया क़ी ”राशन कार्ड ना बने से कोटेदार राशन नही देत रहा लेकिन अब मिलत है, बहुतन से रिरियाएन अबक़ी क़े परधान बनवाए क़े दिहिन”। महिला प्रधान शिवानी कहती है क़ी अभी तक वह मात्र गृहणी थी जब घर क़े हर सदस्य तक भोजन पहुंचता था तभी वह अन्न ग्रहण करती इसलिए भूख से वह भली भांति परिचित है। इसलिए प्रत्येक पात्र महिला मुखिया का राशन कार्ड बनवा परिवार को मजबूती देने का प्रयास किया गया। गांव क़े लोगो का कहना है क़ी महिला ग्राम प्रधान शिवानी ने हर जरूरतमंद घर की पहली जरूरत अन्न को पहली प्राथमिकता दी । महिला ग्राम प्रधान व उनके प्रतिनिधि उमेश कुमार(कुन्नू) ने गांव के विकास के साथ साथ हर घर को भुखमरी से बचाने एवं सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लाभ दिलाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया जिसका नतीजा यह रहा कि उन्होने गांव के एक एक पात्र व्यक्तियों को राशन कार्ड दिलाकर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का भरपूर लाभ दिलाया। जिससे कोरोना काल में किसी भी परिवार को भोजन के लिए किसी के आगे हाथ नही फैलाना पड़ा।
बताते चलें कि 5 हजार की आबादी वाले गांव में पहली बार प्रधान बनी शिवानी द्वारा लगभग 500 जरूरतमंदों को राशन कार्ड का लाभ दिलाया गया। जिसमें विधवा महिला, वृद्ध निराश्रित महिलाओं आदि को वरीयता देते हुए उनके भोजन के संकट को जड़ से समाप्त करने का भरपूर प्रयास किया। महिला ग्राम प्रधान के इस प्रयास से जहां अब हर घर में दो जून की रोटी पक रही है वहीं कोरोना काल के संकट के समय भी इन परिवारों को रोटी के लिए किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूरत नही पड़ी। प्रधान प्रतिनिधि क़ी मेहनत का असर रहा क़ी इन परिवारों को प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित गरीब कल्याण अन्न योजना का भी भरपूर लाभ मिला जिससे महिला प्रधान शिवानी एवं प्रतिनिधि उमेश कुमार (कुन्नू) की लोकप्रियता गांव ही ही पूरे क्षेत्र में ख्याति अर्जित कर रही है। प्रधान प्रतिनिधि उमेश कुमार (कुन्नू) ने बताया कि गांव में दर्जनों ऐसे परिवार थे जिनके पास आजादी के बाद से किसी भी प्रकार का राशन कार्ड नही बना था जिससे इन लोगो को परिवार का पेट पालना मुश्किल था, गांव में कोई भी भूखा न रहे इसके लिए हर जरूरतमंद का राशन कार्ड बनवाने के लिए काफी जद्दोजहद तो करनी ही पड़ी परन्तु अब हर घर में चूल्हा जलने से मन को खुशी मिलती है।

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