जाएं तो जाएं कहां बैंकों में भी सुरक्षित नहीं है पैसा

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रिपोर्ट ऋषी मिश्रा


बछरावां रायबरेली। एक बहुत ही पुरानी कहावत है कि आप जहां से सोचना बंद करते हैं दूसरा वहीं से सोचना प्रारंभ करता है अर्थात अपराध को समाप्त करने वाला जहां से सोचना बंद करता है, अपराधी वहीं से सोचना शुरु करते हैं। ऐसा ही एक वाक्या विगत 2 दिनों के अंदर कस्बे में स्थित पंजाब नेशनल बैंक से देखने को मिल रहा है। जहां इफको केंद्र में कार्यरत एक कर्मचारी के खाते से ₹29000 उड़ा दिए गए। मजे की बात यह रही कि इसमें ₹9000 शाखा प्रबंधक द्वारा खाता ब्लॉक कर दिए जाने के बाद भी गायब कर दिए गए। भुक्तभोगी दिलीप कुमार मिश्रा पुत्र स्वर्गीय बैजनाथ मिश्रा निवासी बछरावां ने बताया कि उनका एक खाता बछरावां की पंजाब नेशनल बैंक में खुला है। जिसकी खाता संख्या 6843 000 1000 12252 है। उन्होंने बताया कि विगत 2 तारीख को वह जब आवश्यक मीटिंग में भाग लेने के लिए रायबरेली गए हुए थे। प्रातः 10:36 पर उनके मोबाइल में मैसेज आया कि उनके खाते से ₹10000 निकाल लिए गए हैं। दूसरे दिन 3 तारीख को वह बैंक पहुंचे और उन्हें शाखा प्रबंधक को पूरी स्थिति से अवगत कराया। वह शाखा प्रबंधक से बात कर ही रहे थे तभी 10:00 पर पुनः ₹10000 निकासी का मैसेज उनके मोबाइल पर आ गया। यह देखकर शाखा प्रबंधक भी आश्चर्यचकित हो गए। उन्होंने आनन-फानन में तत्काल खाते को ब्लॉक कर दिया। उसका मैसेज भी पीड़ित के मोबाइल पर आ गया। परंतु सबसे बड़ी विडंबना यह रही कि खाता ब्लॉक होने के बाद भी साइबर चोरों द्वारा 4 तारीख को फिर से एक बार से 6000 और दोबारा ₹3000 निकाल कर उनके खाते को निल कर दिया गया। उनके खाते में मात्र ₹700 शेष रह गए। इस संदर्भ में शाखा प्रबंधक ने बताया कि यह पैसा जहां से भी निकाला जा रहा है। अंगूठा लगाकर पैसा निकल रहा है। जबकि पीड़ित का कहना है कि उन्होंने कभी भी अंगूठा लगाकर कोई भी निकासी नहीं की अब ऐसे में सवाल ये उठता है कि अगर अंगूठे के निशान आधार के अलावा और कहीं से भी प्राप्त नहीं हो सकता है, तो क्या इससे यह माना जाए कि यह साइबर अपराधी आधार का सहारा लेकर पैसा निकाल रहे है। पीड़ित द्वारा स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र देकर जांच की मांग की गई है। तो वहीं थाना अध्यक्ष का कहना है कि शीघ्र ही उचित कार्यवाही कर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाएगा।

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