रोजगार देने में सबसे आगे बरहुआ गांव, क्षेत्र में हो रही चर्चा

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अमित त्रिपाठी

महराजगंज रायबरेली
विकास खण्ड क्षेत्र की छोटी ग्राम सभा बरहुआ ने मनरेगा के तहत सबसे अधिक मानव दिवस अर्जित करने वाली ग्राम सभा बन गयी है। लाॅक डाउन के दौरान भी श्रृमिको को अधिक से अधिक कार्य उपलब्ध करा गांव में भुखमरी को फटकने तक नही दिया। जहां एक एक दिन में 400 – 400 से अधिक मजदूर लगाकर गांव का विकास किया वहीं कोरोना काल में सर्वाधिक ग्रामीणों को रोजगार भी दिया।
बताते चलें कि मात्र 1786 की आबादी वाले बरहुआ गांव की महिला ग्राम प्रधान सीता तिवारी व उनके प्रतिनिधि रानू तिवारी ने गांव के विकास के लिए अधिक से अधिक कार्य कराने का प्रयास किया। जिसमें 150 पात्रों को प्रधानमंत्री आवास दिलाना, 400 से अधिक शौचालय, 2 किमी नाली निर्माण, 2 किमी खडण्जा निर्माण के साथ साथ दर्जनों कच्चे मार्गों को बनवा दिया। इसके अलावा जहां पूरा देश ही नही पूरा विश्व कोविड -19 के प्रकोप से जूझ रहा था और लाॅक डाउन में लोगो का काम तक नही मिल रहा था उस परिस्थिति में भी इस ग्राम सभा की महिला ग्राम प्रधान सीता तिवारी व उनके प्रतिनिधि रानू तिवारी ने मनरेगा के तहत गांव के अधूरे विकास को पंख लगाने का प्रयास कर रहे थे।जिसके तहत उन्होने मार्च से लेकर दिसम्बर तक 12 हजार मानव दिवसो का सृजन कर लोगो क़ो रोजगार से जोड़ गांव का विकास कराया जिसमें सबसे अधिक महिला मजदूरों को भी काम मिल सका। ग्रामीणों की मानें तो ग्राम प्रधान के प्रयास से उन्हे लाॅकडाउन के दौरान अधिक से अधिक काम मिला और उनके परिवार के भरण पोषण में कोई भी परेशानी नही उठानी पड़ी। इन्ही मानव दिवसों के सहारे ग्राम प्रधान ने अपने आस पास की तीन तीन ग्राम सभाओ तक सम्पर्क मार्ग भी बनवा डाला जोकि गांव के लिए एक अच्छी उपलब्धि भी साबित हुई। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि रानू तिवारी ने बताया कि अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में गांव को जोड़ने वाले तीन मार्गो का निर्माण कराया जो कि गांव के विकास के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण थे यही नही मनरेगा के तहत अधिक से अधिक कार्य करवाने के कारण गांव के मजदूरों को अधिक से अधिक कार्य मिल सका जिससे लाॅक डाउन के दौरान भी उनके गांव में भुखमरी ने पांव तक नही रखा।

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