अमेठी: यूक्रेन से लौटे छात्र और माता-पिता ने सरकार की प्रशंसा की

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अमेठी: रूस और यूक्रेन के बीच पिछले 8 दिनों से लगातार युद्ध चल रहा है ऐसे में यूक्रेन में पढ़ाई करने वाले छात्र फंसे हुए हैं । जिसके लिए भारत सरकार वापस लाने के लिए ऑपरेशन गंगा के द्वारा लगातार प्रयास भी कर रही है। प्रतिदिन छात्रों से भरी जहाज नई दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंच रही है और छात्र सकुशल अपने घर वापस जा रहे हैं। ऐसे में बृहस्पतिवार की शाम को अमेठी कोतवाली क्षेत्र के कस्बा अंतर्गत रायपुर फुलवारी के वार्ड नंबर 2 में रहने वाले सेवानिवृत्त सब इंस्पेक्टर श्यामलाल चौरसिया का छोटा पुत्र देवीदयाल चौरसिया यूक्रेन के ओदेशा शहर में स्थित एक यूनिवर्सिटी में रहकर एमबीबीएस के चौथे साल की पढ़ाई कर रहा था। तभी यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हो गया जिसके चलते अन्य छात्रों की तरह हुआ भी वहां फंस गया इधर घर वालों का परेशान होकर बुरा हाल था सब ईश्वर से ही दुआ कर रहे थे और सरकार की तरफ आस लगाए देख रहे थे । तभी सरकार के प्रयास से 3 मार्च बृहस्पतिवार की देर शाम को जैसे ही देवीदयाल चौरसिया अपने घर पहुंचे । घर वालों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा । यूक्रेन से अपने वतन अपने घर वापस पहुंचे देवीदयाल चौरसिया ने बताया कि यूक्रेन में स्थिति बहुत ही खराब है। हालांकि वह ओदेशा में थे वहां पर अभी कीव और खारकीव जैसी स्थिति नहीं थी। लेकिन कब वहां की भी स्थिति बदल जाती कुछ भी नहीं पता था क्योंकि और ओदेशा शहर पर्यटन की दृष्टि से यूक्रेन का एक प्रमुख शहर है। ऐसे में हर समय हर पल डर के साए में बीत रहा था । किसी तरह से बस के द्वारा वह रोमानिया बॉर्डर पर पहुंचा और जहां से भारत की एंबेसी के द्वारा शेल्टर होम में पहुंचाया गया। वहां पर एंबेसी के द्वारा बहुत सारी सुविधाएं दी गई । हम लोगों को खाना पीना सहित फ्री में बिना किसी किराए के वहां से हवाई जहाज से नई दिल्ली तक पहुंचाया गया और नई दिल्ली से फिर कार द्वारा घर तक भेजा गया । ऐसे में मेरा भी कुछ भी नहीं लगा सब कुछ जो भी लगा वह सरकार का लगा है। सरकार को मैं बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं विशेष रूप से मोदी जी को जिनके नेतृत्व में यह सब संभव हुआ है। वहीं पर देवी दयाल चौरसिया के पिता श्यामलाल चौरसिया ने बताया कि यह योगी जी और मोदी जी की ही बदौलत हमारा पुत्र घर सकुशल पहुंचा है। ऐसे में वह यह दोनों जुग जुग जिए जिन्होंने मेरे लिए मेरे परिवार के लिए इतना बड़ा कार्य किया है।

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