सावन के दूसरे सोमवार पर शिव मंदिर में लगी भक्तों की भारी भीड़

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कहते हैं सभी 12 मासों में सावन मास विशेष होता है वैसे तो प्रतिदिन भगवान को प्रिय होते हैं लेकिन सावन मास का सोमवार भगवान भोलेनाथ के लिए विशेष दिन माना जाता है। ऐसे में आज सावन मास का दूसरा सोमवार है जिसको लेकर जिले के विभिन्न शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सुबह से ही डंडेश्वर नाथ मंदिर, भूतेश्वर नाथ मंदिर ,दुखहरण धाम मंदिर, मुकुट नाथ धाम तथा तपेश्वर नाथ मंदिर में शिव भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है।

अमेठी जिले के तिलोई तहसील क्षेत्र के फुरसतगंज थाना में स्थित तपेश्वर नाथ मंदिर में बने शिवलिंग की विशेष मान्यता है। बताया जाता है कि यह शिवलिंग स्थापित नहीं किया गया है यह स्वयंभू है अर्थात इनकी उत्पत्ति जमीन के अंदर से हुई है। इस मंदिर से सन 1959 में भगवान शंकर की पहली बारात निकली थी और मेले का शुभारंभ हुआ था। सावन मास में प्रतिदिन लगभग 10000 कांवड़ियों की भीड़ यहां पर जलाभिषेक करने आती है। बताया जाता है कि संवत 1725 में यह शिवलिंग यहां पर देखे गए पहले यहां पर जंगल था वहीं पर एक दरार बनी उसी दरार में से शिवलिंग प्रकट हुआ। उसके बाद ग्रामीणों ने वहां पर खुदाई कर मिट्टी से उसका चबूतरा तैयार किया। सन 1758 में यहां पर चबूतरा बनकर तैयार हुआ था। वर्ष 2012 में यहां पर मंदिर बनना प्रारंभ हुआ और वर्ष 2018 में बंदर बनकर तैयार हुआ। बताते हैं कि यहां पर शिवलिंग के ऊपर कोई छत नहीं रुकती है। कहा जाता है कि अयोध्या से एक बाबा ब्रह्मदेव दास जी आए हुए थे उन्होंने बताया कि यह तपेश्वर नाथ जी हैं इनके ऊपर कोई छाया नहीं होनी चाहिए लोग बताते हैं कि चबूतरे के ऊपर एक पीपल के वृक्ष की दाल आ गई थी और देखते-देखते डाल सहित पूरा पीपल का वृक्ष सूख कर गिर गया ।इसीलिए चबूतरे के बाहर मंदिर का निर्माण हुआ है। भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस अधीक्षक इलामारन जी के द्वारा इस तपेश्वर नाथ मंदिर परिसर के अंदर और बाहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। यहां पर कई थानों की फोर्स सुरक्षा व्यवस्था में लगाई गई है।

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