आखिर कब लगेगा भ्रष्टाचार पर अंकुश,एआरटीओ ऑफिस में घूसखोरी!

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अमेठी से सफीर अहमद की रिपोर्ट

गौरीगंज, अमेठी: प्रदेश की जहां भाजपा सरकार भ्रष्टाचार मुक्त करने की पुरजोर कोशिश कर रही है वहीं अमेठी एआरटीओ कार्यालय में भ्रष्टाचार चरम पर है यहां बिना मोटी रकम के कुछ भी कार्य कराना असंभव हो गया है।

  •  एआरटीओ कार्यालय में घूस लेने का आरोप लगा है। कहने को ही सिर्फ एआरटीओ कार्यालय है मगर होता कुछ और ही है ,जी हां कार्यालय पर मौजूद एआरटीओ अधिकारी सहित कार्मचारी व कांट्रेक्ट कर्मचारियों या फिर प्राईवेट में रखें गये लोगों की जिनका कहना है कि अगर घूस नहीं लिया जायेगा तो हम लोगों का खर्च कैसे चलेगा जबकि देखा जाय तो पर्मानेंट लाइसेंस कि जिम्मेदारी सरकारी कर्मचारी की होती हैं जो दिखने में बेहद ईमानदार नजर आने वाले कर्मचारी है लेकिन नजारा कुछ और है।  यह नजारा शुक्रवार विवेक बाबू के साथ कार्य करने वाले प्राइवेट कर्मचारी मिटूं का एक वीडियों वायरल हो रहा है।

जिसमें मिंटू द्वारा पांच-पांच सौ के कई नोट लाइसेंस पास कराने के लिए दलाल के माध्यम से लेकर फाइल में रखकर उनके कोड पर लिख रहे हैं। बताते चले कि लार्निग लाईसेंस के लिए आपको टेस्ट पास कराई 600 रूपये और पर्मानेंट लाइसेंस टेस्ट पास करने के निए सिर्फ 800 रूपये आपकों देने होगे नही तो आपका लाइसेंस पास नहीं होगा।

कार्यालय में कम्प्यूटर सिर्फ देखने के लिए रखे गये है सारा कार्य पैसों के दम पर होता है यदि कोई व्यक्ति दलाल का सहारा न लेकर कार्यालय पहुंच जाता है तो उसे इतने नियम बता दिये जाते है कि वह अन्त में दलालों का सहारा लेकर अपना कार्य कराने पर मजबूर हो जाता है।

अमेठी।

बताते चले कि एआरटीओ कार्यालय में बाबूओं के द्वारा दलालों का कोड जारी किया है जो एस.पी.वन, एस.पी.टू.एम.एस.वन-टू सहित तमाम कोड निर्धारित किये है उसी कोड पर शाम को निर्धारित दर के हिसाब से पैसा जमा हो जाता है और बिना कोड वाली फाइलों को रिजेक्ट कर दिया जाता है।

एआरटीओ बोले-
इस सम्बंध में एआरटीओ सर्वेश सिंह ने बताया कि हो रहे वीडियों वायरल के बारे में जानकारी हमको नहीं है इसकी हम जांच करायेगे।

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