अमेठी: सड़क से गिरफ्तारी तक,गड्ढामुक्त सड़क पर विधायक का संग्राम

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अमेठी: विधानसभा क्षेत्र की दो सड़कों की मरम्मत को लेकर गौरीगंज विधायक और शासन के बीच शुरू रार थमने का नाम नहीं ले रही है। पद से त्याग पत्र देने तथा कई दिनों तक लखनऊ में अनशन के बाद विधायक गुरुवार को बड़ी संख्या में समर्थकों के साथ मुसाफिरखाना-थौरी मार्ग पहुंच गए। विधायक ने मार्ग को गड्ढामुक्त कराने का काम शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अफसरों ने काम बंद कराते हुए विधायक व उनके समर्थक डीडीसी को गिरफ्तार कर लिया। कुछ देर तक मुसाफिरखाना थाने में रखने के बाद पुलिस उन्हें अमेठी के ककवा रोड स्थित पुलिस लाइंस लेकर चली गई ।अपने विधानसभा क्षेत्र की दो जर्जर सड़कों (कादूनाला-थौरी व मुसाफिरखाना-पारा) को लेकर गौरीगंज विधायक राकेश प्रताप सिंह अरसा पूर्व से आंदोनलरत हैं। सड़क की मरम्मत के लिए विधानसभा में प्रश्न उठाने के अलावा प्राक्कलन समिति गठित कराने और विधानसभा की सदस्यता से त्यागपत्र देने के अलावा अनशन करने तक से बात नहीं बनी तो गुरुवार सुबह विधायक बड़ी संख्या में अपने समर्थकों के साथ श्रमदान करने नौ किलोमीटर लंबे कादूनाला-थौरी मार्ग पहुंच गए। विधायक के साथ कई जेसीबी मशीनें, रोड रोलर, प्रेशर रोलर, पानी के टैंकर व गिट्टी लदी ट्रकें भी थीं। प्रशासन को जब तक इस बात की भनक लगती विधायक व उनके साथ पहुंचे लोगों ने श्रमदान के जरिए सड़क को गड्ढामुक्त करने का काम शुरू कर दिया। देखते ही देखते महज कुछ घंटों में विधायक व उनके समर्थकों ने नौ किलोमीटर लंबे मार्ग पर कादूनाला से कोछित तक करीब सात किलोमीटर सड़क को गड्ढामुक्त कर डाला। इसकी भनक लगते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। पहले स्थानीय थाने के अफसर मौके पर गए लेकिन काम नहीं बंद करा सके। इसके बाद एडीएम सुशील प्रताप सिंह व एएसपी विनोद कुमार पांडेय कई थानों की पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत कर काम को बंद कराया। बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस फोर्स ने श्रमदान कर रहे लोगों को हटा दिया। पुलिस विधायक राकेश प्रताप सिंह व उनके करीबी सहयोगी वार्ड संख्या एक के डीडीसी धर्मेंद्र धोबी को गिरफ्तार कर मुसाफिरखाना थाने ले गई। कुछ देर वहां रोकने के बाद पुलिस उन्हें लेकर पुलिस लाइंस चली गई।

खुद ढोई गिट्टी, चलाया फावड़ा

दोनों जर्जर सड़कों का नवीनीकरण नहीं होने की नाराजगी इस कदर थी कि सड़क को गड्ढा मुक्त करने के लिए ट्रैक सूट में पहुंचे विधायक सिर पर फेटा बांध स्वयं काम में जुट गए। समर्थकों के मना करने के बावजूद विधायक न न सिर्फ फावड़े से तसले में गिट्टी भरी बल्कि तसला सिर पर उठाकर एक-एक गड्ढा भरते रहे। इतना ही नहीं विधायक लोगों को इसकी फोटो खींचने व वीडियो बनाने से भी मना कर रहे थे।

मौके पर कैंप कर रहे एडीएम-एएसपी

काम बंद कराने पहुंचे एडीएम व एएसपी मौके पर कैंप कर रहे हैं। दोनों अफसर भाले सुल्तान कादूनाला पुलिस चौकी पर मौजूद रहे। काम बंद कराने के बाद से पुलिस के वाहन मुसाफिरखाना-थौरी मार्ग पर पेट्रोलिंग करतेे रहे। सख्ती के बाद विधायक व समर्थक काम में जुटी जेसीबी, रोलर, अन्य वाहन और संसाधन लेकर चले गए।

सात किलोमीटर तक एक साथ चला काम

गुरुवार को विधायक सड़क की मरम्मत कराने पहुंचे तो कादूनाल से लेकर कोछित तक श्रमदान करने वालों की लाइन लग गई। विधायक का जो भी समर्थक वहां पहुंचा सड़क पर हुए गड्ढों को भरने के काम में जुट गया। जब तक प्रशासन काम बंद करवाने में सफल होता सात किलोमीटर सड़क पर गड्ढों की भराई का काम पूरा हो चुका था।

प्रशासन के रवैये से नाखुश विधायक ने अफसरों को आड़े हाथों लिया। विधायक ने कहा कि उन्होंने जिस सड़क को श्रमदान के जरिए गड्ढामुक्त किया उसे बनाने की मांग पिछले करीब तीन वर्ष से भी अधिक समय से कर रहे थे। वे लगातार कह रहे थे कि सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार हुआ है। इसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। इस सड़क के गड्ढों में गिरकर कई लोगों की जान जा चुकी है। कई के हाथ पैर टूट चुके हैं। लोगों को आवागमन में सुविधा मिले इसके लिए वे सड़क को बनवाने की मांग कर रहे थे। उनकी यह मांग शासन-प्रशासन को सुनाई नहीं पड़ी। इस सड़क के लिए उन्होंने न सिर्फ पद से त्यागपत्र दिया बल्कि धरना व सात दिन तक अनशन भी किया। इसके बावजूद सुनवाई नहीं की गई तो उन्होंने अपनी पार्टी के मुखिया और लोगों के कहने पर अनशन तोड़ दिया। लोगों के आह्वान पर ही गुरुवार को श्रमदान कार्यक्रम आयोजित कर सड़क को गड्ढा मुक्त कर रहा था जिसे प्रशासन ने रोक दिया।

देर शाम छोड़े गए विधायक

श्रमदान स्थल से करीब एक बजे हिरासत में लेकर विधायक को दो बजे के आसपास पुलिस लाइंस पहुंचाया गया। एक-दो घंटे तक विधायक को रिहा करने के इंतजार करने के बाद बड़ी संख्या में समर्थक पुलिस लाइंस के बाहर जमा होने लगे। लोगों की बढ़ती संख्या और देर शाम तक विधायक के खिलाफ किसी भी बड़ी कार्रवाई पर सहमति नहीं बनने के बाद शाम करीब पौने सात बजे उन्हें रिहा कर दिया गया। विधायक ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें रिहा करते हुए कहा कि बाद में इससे जुड़े कागजात आपके घर भेजे जाएंगे। विधायक के रिहा होने के बाद जैसे ही वे पुलिस लाइंस से बाहर निकले समर्थकों ने उन्हें उठा लिया। विधायक ने कहा कि वे दोनों सड़कों के मुद्दे पर लोगों का भरपूर समर्थन मिलने से अभिभूत हैं। वे इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाकर ही मानेंगे।

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