अमेठी: छत से गिरकर गैर जनपदीय मजदूर की मौत

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अमेठी से शैलेष नीलू की रिपोर्ट

जायस: अमेठी जनपद के जायस रेलवे स्टेशन पर , लखनऊ से वाराणसी दोहरीकरण में रेलवे स्टेशन जायस पर कार्यदायी संस्था KEC कम्पनी में कार्य कर रहे एक दैनिक मजदूर की छत से गिरकर बीती रात मौत हो गई। मृतक के साथी बताते है कि बृहस्पतिवार शुक्रवार की रात मृतक अपने दो दर्जन से अधिक साथियों के साथ खाना खाकर छत पर सो रहा था। सुबह देखा गया तो मृतक आंगन में पड़ा मिला मृत अवस्था मे देख ठेकेदार ने KEC कंपनी के प्रोजेक्ट चीफ मैनेजर को सूचना दी। कंपनी के मैनेजर ने घटना की सूचना जायस कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरकर शव को पीएम हाउस भेज दिया है।

कोतवाली क्षेत्र जायस के रेलवे स्टेशन जायस पर लखनऊ से वाराणसी रेलवे दोहरीकरण के तहत लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। जनपद हरदोई के थाना सुरसा अन्तर्गत तुरतीपुर निवासी प्रभु पुत्र द्वारिका ने बताया कि मेरे साथ 28 लोग काम करते है। सभी दैनिक मजदूर रोजाना काम से छुट्टी मिलने के बाद बगल के निर्माणाधीन रेलवे आवास में रहते है और वहीं सुबह शाम भोजन बनाकर रहते है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार की शाम काम से छुट्टी मिलने के बाद सभी दैनिक मजदूर कालोनी में भोजन करने के बाद छत पर सोने के लिए चले गए थे। ठेकेदार प्रभु ने बताया कि सुबह साढ़े पांच बजे शौच के लिए जब मैं उठा तो जनपद हरदोई के थाना क्षेत्र सुरसा के सहिमापुर निवासी 35 वर्षीय नीलू पुत्र रामपत छत से गिरकर आंगन में पड़ा था देखने पर पता चला कि उसके कान से खून निकल रहा था और उसकी मृत्यु हो चुकी थी। ठेकेदार ने बताया कि मैने घटना की सूचना तत्काल KEC कंपनी को दी । केइसी कंपनी ने घटना की सूचना कोतवाली पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर उसे पीएम के लिए भेजकर घटना की सूचना उसके परिजनों को दे दी। बताते है कि मृतक के परिवार में सिर्फ एक छोटा भाई को छोड़कर और कोई नहीं है। उधर इस मामले में KEC कंपनी के प्रोजेक्ट चीफ मैनेजर जुबैर अहमद ने बताया कि घटना की सूचना ठेकेदार के माध्यम से मुझे मिली थी। मृतक के सहयोगी को शव के अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 25 हजार रुपये की मदद कंपनी की तरफ से कर दी गई है।
इसके बाद में जो भी परिवार के लिए आर्थिक सहायता के लिए कम्पनी से बात किया जायेगा।
सभी लेबरों के लिए टेंट की व्यवस्था की गई है लेकिन लेबर जादा होने के कारण कुछ लोग क्वार्टर में रह रहे थे लेकिन किसी को भी छत पर सोने की परमिशन नही दी गई थी।

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