अमेठी:शांतिपूर्ण ढंग से हुआ माँ दुर्गा मूर्ति विसर्जन

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अमेठी से सुरेंद्र शुक्ला की रिपोर्ट

अमेठी: शुकुल बाजार में शारदीय नवरात्र के पावन पर्व पर स्थापित मूर्तियों के विसर्जन को लेकर प्रशासन और पुलिस सतर्क दिखाई दिया ।

भक्तों ने उत्साह पूर्वक माता जगत जननी जगदंबिका दुर्गा माता की प्रतिमा का विसर्जन रेछ घाट पर किया। इस दौरान थाना अध्यक्ष रविंद्र सिंह, उप निरीक्षक रवि शंकर तिवारी, उपनिरीक्षक राम प्रकाश सिंह, उप निरीक्षक राम हिंद सिंह, सहित थाना स्टाफ सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चाक-चौबंद दिखाई दिया।

राजस्व टीम से कानूनगो डीपी उपाध्याय, लेखपाल कृष्ण कुमार श्रीवास्तव, लेखपाल अरविंद कुमार, लेखपाल बिरेंद्र कुमार, लेखपाल संदीप कुमार मिश्रा, सहित मौके पर मौजूद रहे। वहीं घाट पर गोताखोर, रस्सा, नाव आदि सुविधाएं मौजूद रही। बताते चलें इस बार कोविड-19 के चलते सार्वजनिक मूर्तियों की स्थापना एवं सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं हो सके शांतिपूर्ण ढंग से मंदिरों और घरों में रखी मूर्तियों का विसर्जन घाट पर परंपरा के अनुसार की गई।

बताते चलें समस्त संसार को पंचतत्वों से बना हुआ माना जाता है शास्त्रों में कहा भी गया है- क्षिति, जल, पावक, गगन, समीरा पञ्च तत्व ये अधम शरीरा। यानि कि शरीर आकाश, जल, अग्नि और वायु से मिलकर बना है जल भी पंचतत्व है इसे काफी पवित्र माना गया है। क्योंकि यह हर गुण दोष को अपने आप में विलय कर लेता है पूजा में भी पवित्र जल से पवित्रीकरण किया जाता है।
यह चिर तत्व है इसी वजह से जल में त्रिदेवों का वास भी माना जाता है पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जल में देव प्रतिमाओं को विसर्जित करने के पीछे यह कारण है कि देवी देवताओं की मूर्ति भले ही विलीन हो जाए लेकिन उनके प्राण मूर्ति से निकलकर सीधे परम ब्रह्म में लीन हो जाते हैं। फिलहाल कोई अप्रिय घटना न घटने पर इसको लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क रहा।

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