अमेठी:आगामी त्योहार को लेकर डीएम व एसपी ने की बैठक

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अमेठी से सफीर अहमद की रिपोर्ट

अमेठी: जिलाधिकारी अरुण कुमार व पुलिस अधीक्षक दिनेश सिंह ने बुधवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में सभी एसडीएम व सीओ के साथ माह अक्टूबर 2020 से माह दिसम्बर 2020 तक के मुख्य त्योहारों यथा नवरात्रि, दुर्गापूजा, दशहरा, बारावफात, दीपावली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा एवं क्रिसमस आदि को लेकर बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि इस दौरान जगह-जगह प्रतिमा स्थापना, धार्मिक पूजा, मेला, प्रदर्शनी, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम रैली, जुलूस, विर्सजन जैसी गतिविधियां संचालित होगें, जिनमें क्षेत्र विशेष में भारी जनसमूह के जुटने की सम्भावना रहती है।

ऐसे में त्योहारों के दौरान कोविड-19 महामारी के प्रसार पर नियंत्रण हेतु शासन द्वारा गाइडलाइन जारी कर दी गयी है। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम स्थल के विषय में बताया है कि कार्यक्रम स्थल पर सैनिटाईजर्स, थर्मल स्कैनिंग उपकरणों की पर्याप्त आपूर्ति तथा फर्श पर शारीरिक दूरी हेतु वृत्त (गोला) चिन्हांकन सुनिश्चित किया जाये। प्रवेश द्वारा पर ही हैण्ड सेनेटाइजेशन तथा थर्मल स्क्रीनिंग आवश्यक होगा। दर्शकों एवं आगन्तुकों के प्रवेश एवं निकास के अलग-अलग एवं यथासम्भव एक से अधिक रास्ते सुनिश्चित किये जायेगें। केवल वही स्टाफ तथा दर्शक प्रवेश के लिये अनुमन्य होगें जिसमें किसी प्रकार के कोविड के लक्षण नहीं होगें।

यदि किसी में कोविड लक्षण पाया जाता है तो उसे शिष्टता के साथ प्रवेश से मना किया जायेगा तथा चिकित्सीय उपचार लेने की सलाह दी जायेगी। सभी स्टाफ तथा दर्शकों को फेस कवर/मास्क का उपयोग तथा कार्यक्रम स्थल के अन्दर एवं बाहर शारीरिक दूरी के मानक का अनुपालन करना अनिवार्य होगा। कार्यक्रम परिसर में आवश्यकतानुसार स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था रखी जायेगी जिसमें प्राथमिकता पर डिस्पोजल कप/गिलास का प्रयोग किया जायेगा। वातानुकूलन आदि के लिये सीपीडब्ल्यूडी द्वारा जारी गाइड लाइन का अनुपालन किया जायेगा जिसके अनुसार ए0सी0 का तापमान 24-30 डिग्री सेल्सियस, ह्यूमिडिटी रनेज 40-70 डिग्री के अन्तर्गत रखना होगा तथा क्रास वेन्टिलेशन की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। सामूहिक खान-पान/लंगर/अन्य दान आदि कार्यक्रमों में भोजन बनाने, वितरण एवं अवशेष वस्तुओं के डिस्पोजल आदि में शारीरिक दूरी के नियमों तथा स्वच्छता एवं हाईजीन का पालन सुनिश्चित किया जायेगा। कार्यक्रम स्थल विशेषकर बारबार प्रयोग में आने वाले स्थलों जैसे दरवाजे के हैण्डिल, लिफट के बटन, लाइन लगने वाले वैरिकेट, सीट, बेंच, वॉशरूम की टोटी आदि की नियमित रूप से सफाई की जाये।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम आयोजन के विषय में बताया है कि कन्टेनमेन्ट जोन में किसी भी त्योहार विषयक गतिविधियों की अनुमति नही होगी। कन्टेनमेन्ट जोन से किसी भी आयोजक, कर्मचारी अथवा विजिटर्स को आयोजन में आने की अनुमति भी नही होगी। शारीरिक दूरी के मानक तथा अन्य सुरक्षात्मक उपायों का प्रत्येक समय निरीक्षण किये जाने हेतु आयोजकों द्वारा यथोचित मैनपावर (मानव शक्ति) तैनात किये जाये। कार्यक्रम आयोजक द्वारा अपने स्टाफ हेतु आवश्यकतानुसार सुरक्षात्मक संसाधन यथा फेस कवर्स, मास्क, हैण्ड सैनेटाइजर्स, साबुन आदि की पर्याप्त व्यवस्था की जाये। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम आयोजक एवं कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले व्यक्तियों के विषय में बताया है कि 65 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों, गम्भीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं तथा 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को घर पर सुरक्षित रहने की सलाह दी जाये। यह कार्यक्रम के आयोजकों/प्रबन्धकों व उनके कार्मिकों पर भी लागू होगा। संचरण मानकों का सख्ती से पालन करें। खांसते/छींकते समय मुॅह व नाक पर टिशू पेपर/रूमाल/कोहनी का प्रयोग करें तथा प्रयुक्त टिशू पेपर का उचित डिस्पोजल भी करें। सार्वजनिक स्थलों पर थूकने को सख्ती से प्रतिबन्धित किया जाये। आरोग्य सेतु ऐप का प्रयोग सभी को करने की सलाह दी जाये।
जिलाधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान संदिग्ध/पॉजिटिव व्यक्ति पाये जाने की स्थिति में बताया है कि कार्यक्रम/प्रदर्शन/रैली आदि के दौरान किसी भी व्यक्ति के कोविड लक्षणयुक्त पाये जाने पर जब तक उसे चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध नही हो जाती है तब तक के लिये आइसोलेट (पृथकवास) करने हेतु प्रत्येक आयोजन स्थल पर एक पृथक आइसोलेशन कक्ष/स्थल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाये। आइसोलेशन के दौरान व्यक्ति मास्क/फेस कवर सतत् धारण किये रहेगा जब तक की चिकित्सक द्वारा उसका परीक्षण न कर लिया जाये।
जिलाधिकारी ने रैली, जुलूस/मूर्ति स्थापना एवं विर्सजन के सम्बन्ध में बताया है कि मूर्तियों की स्थापना पारम्परिक परन्तु खाली स्थान पर की जाये, उनका आकार छोटा रखा जाये तथा मैदान की क्षमता से अधिक लोग न रहें। चौराहों तथा सड़क पर कोई मूर्ति, ताजिया न रखी जाये, आवश्यकतानुसार वैकल्पिक व्यवस्था हेतु जिला प्रशासन आयोजन समितियों से विचार विमर्श कर कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुसार कार्यवाही करें। मूर्तियों के विसर्जन में यथा सम्भव छोटे वाहनों का प्रयोग किया जाये। मूर्ति विसर्जन के कार्यक्रम में न्यूनतम व्यक्ति ही सम्मिलित रहे। रैली/विसर्जन आदि के समय भीड़ निर्धारित सीमा से अधिक न हो तथा शारीरिक दूरी व मास्क पहनने के मानकों का पालन अवश्य किया जाये। ऐसी रैलियों की संख्या तथा इसमें निहित दूरी का उचित प्रबन्धन किया जाये। ऐसी रैली या विसर्जन जिसमें लम्बी दूरी निहित हो उनमें एम्बुलेन्स की सेवायें भी प्राप्त की जाये। प्रत्येक आयोजन स्थल पर सार्वजनिक रूप से प्रचार प्रसार हेतु पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग किया जाये। उन्होने रामलीला/दशहरा से सम्बन्धित सामूहिक गतिविधियों के बारे में बताया है कि किसी भी बन्द स्थान, हाल/कमरे की निर्धारित क्षमता का 50 प्रतिशत व्यक्तियों को प्रवेश मिलेगा। फेस मास्क, शारीरिक दूरी, थर्मल स्क्रीनिंग व सैनीटाइजर एवं हैण्डवाश की उपलब्धता अनिवार्य होगी। यदि यह गतिविधियां खुले स्थान या मैदान में होती है तो क्षेत्रफल के अनुसार कोविड से बचाव के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। किसी भी कार्यक्रम यथा जयन्ती मेला, प्रतिमा स्थापना एवं विर्सजन/जागरण/रामलीला/प्रदर्शनी/रैली/जुलूस आदि के लिये जिला मजिस्ट्रेट से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी/क्षेत्राधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशाषी अधिकारी समस्त नगर निकाय एवं अन्य समस्त जिला/तहसील/ब्लाक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि गाइडलाइन में दिये गये निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुये नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव व प्रभावी रोकथाम हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

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