बाढ़ई पूत पिता के धर्मा की कहावत को चरितार्थ किया अखंड प्रताप सिंह ने

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ऋषि मिश्रा


बछरावां रायबरेली। कहते हैं बाढ़ई पूत पिता के धर्मा, आज इसी कहावत को चरितार्थ किया है विकास क्षेत्र के अंतर्गत इचौली ग्राम सभा के राजाखेड़ा गांव में शीतला बक्स सिंह व शकुंतला देवी के घर जन्मे तीन भाइयों में सबसे बड़े अखंड प्रताप सिंह ने। विदित हो कि बचपन से ही विलक्षण प्रतिभाओं में अपनी पहचान बनाने वाले अखंड प्रताप सिंह 2003 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में भर्ती हुए। कुछ वर्ष पश्चात शीर्ष नेतृत्व द्वारा उनकी प्रतिभा को देखते हुए उन्हें असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया। पूर्व के कुछ दिनों में देश के अंदर आतंक का माहौल कायम कर रहे कुछ उग्रवादियों को सबक सिखाने के पश्चात इस वर्ष गणतंत्र दिवस के मौके पर राष्ट्र के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के द्वारा उनके नाम की घोषणा पुलिस वीरता सम्मान पदक के लिए की गई। इस मौके पर अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि मैं 2003 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में भर्ती हुआ। तत्पश्चात मेरी प्रतिभा को देखते हुए शीर्ष नेतृत्व द्वारा मुझे असिस्टेंट कमांडेंट के पद पर नियुक्त किया गया। इस समय में पुलवामा (जम्मू कश्मीर) में तैनात हूं और राष्ट्र की सेवा कर रहा हूं। साथ ही साथ उन्होंने यह भी बताया कि मुझे महामहिम द्वारा जिस पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है उसके असली हकदार मेरे माता-पिता व क्षेत्रीय जन है। जिनके आशीर्वाद से मैं आज इस मुकाम पर हूं। इस सुखद मौके पर उनके निज आवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

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