टेंडर दिलाने के नाम पर 20 लाख हड़पने का आरोप ?

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टेंडर दिलाने के नाम पर पप्पू यादव पर 20 लाख हड़पने का लगा आरोप


रायबरेली। रेलवे विभाग में पानी का टेंडर दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप एक सपा नेता पर लगाया गया है। जिसमें टेंडर के बदले 20 लाख रुपए बैठने की बात भी सामने आई है । मामला रायबरेली के सपा नेता पप्पू यादव उर्फ अरुण यादव से जुड़ा हुआ है।
मिल एरिया थाना क्षेत्र के मलिक मऊ निवासी संदीप कुमार त्रिवेदी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर सपा नेता अरुण यादव उर्फ पप्पू यादव पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। दिए गए प्रार्थना पत्र में संदीप ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव ने रेलवे में पानी का टेंडर दिलवाने के नाम पर 20 लाख रुपए की धोखाधड़ी कर दी है। संदीप ने बताया कि वह आरओ प्लांट लगाकर डिब्बाबंद पानी का सप्लाई करता है । उसी को देखते हुए अरुण यादव उर्फ पप्पू यादव ने रेलवे विभाग में रेल नीर बोतल की पैकिंग व सप्लाई का टेंडर दिलाने का झांसा दिया। पप्पू यादव ने दो व्यक्तियों एके शुक्ला व रंजीत यादव से मेरी मुलाकात कराई। जिसमें एके शुक्ला शुक्ला को रेलवे विभाग का बड़ा अधिकारी बताया गया और कहा गया कि ऐसे टेंडर दिलाना इनके लिए कोई बड़ी बात नहीं है। इस तरह विश्वास में लेकर पप्पू यादव ने उन दोनों लोगों को पहले 10 लाख रुपए दिलवा दिया और कहां कि तुम्हारा टेंडर होल्ड हो गया है । अब वह तुम ही को मिलेगा । अक्टूबर 2019 में बाकी के 10 लाख पप्पू यादव खुद मेरे साथ जाकर उक्त लोगों को दिलवाया और कहा कि जल्द ही टेंडर आपको मिलेगा लेकिन तब से आज तक ना तो टेंडर मिला और ना ही मेरा दिया गया धन ही वापस किया गया। जिसकी शिकायत इसके पूर्व भी पुलिस से की गई जिसमें पप्पू यादव ने जल्द पैसा देने की बात कही लेकिन अब पप्पू यादव मामले की टालमटोल में लग गया है और कह रहा है कि पहले मैं अपने ब्लाक प्रमुख के चुनाव को देखूंगा फिर तुम्हारे टेंडर या पैसे की बात सोचूंगा।

इस तरह सपा नेता के फ्रॉड से आहत होकर संदीप दर-दर की ठोकरें खा रहा है । बुधवार को भी पुलिस अधीक्षक से मिल कर न्याय की गुहार लगाने कार्यालय पहुंचा था। कहा जा रहा है कि पप्पू यादव के नेटवर्क के पीछे कुछ कथित कद्दावर लोगों का भी हाथ है। अब देखना यह है कि संदीप को न्याय मिलता है या फिर सपा नेता अपने प्रभाव में मामले को रफा-दफा कर देता है।


क्या कहते हैं पुलिस अधीक्षक


इस पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा है कि मामला संज्ञान में आया है। क्षेत्राधिकारी नगर महिपाल पाठक को जांच सौंपी गई है। जो रिपोर्ट आएगी उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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