गाज़ियाबाद से पैदल ही चल पड़ा एक पत्रकार, पत्रकारिता बचाओ की आस में..

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एक अकेला थक जाएगा..


फोटो में कंधे पर अंगोछा डाले दिख रहे आशीष चित्रांशी पेशे से पत्रकार हैं. समूचे देश एवं खासकर उत्तर प्रदेश पत्रकारों और पत्रकारिता पर लगातार हो रहे हमलो के खिलाफ आशीष चित्रांशी ने हमेशा कलम तो चलाई ही है अब कदम भी बढ़ा दिए हैं.  देश के बड़े समाचार पत्र समूह में से एक दैनिक भास्कर और न्यूज़ चैनल भारत समाचार के मुख्यालयों और शाखाओं पर मारे गए छापे के खिलाफ जब तमाम विपक्षी दल और कुछ छोटे बड़े पत्रकार केवल चैनलों और अखबारों में (कुछ ही) सरकार से मोर्चाबंदी करते दिख रहे थे, तब साहसिक निर्णय लेते हुए 25 जुलाई 2021 दिन सोमवार को वह पत्रकारों को प्रताड़ित करने के प्रतिरोध की अकेली आवाज बनकर गाजियाबाद से लखनऊ की 500 किलोमीटर लंबी पदयात्रा पर निकल पड़े. उनकी पदयात्रा का आज चौथा दिन है यह पदयात्रा अलीगढ़ के गभाना कस्बे से आगे बढ़ी है. हम सबके लिए यह संतोष और गर्व की बात यह है कि कस्बे तहसील और जनपद मुख्यालय के पत्रकारों का समर्थन आशीष चित्रांशी को लगातार प्राप्त हो रहा है.

24 घंटे में पदयात्रा के संकल्प को साकार करते हुए पदयात्रा पर निकले  पत्रकार साथी आशीष चित्रांशी की स्पष्ट मांग है कि पत्रकारिता और पत्रकारों का मुंह बंद करने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में “जर्नलिस्ट प्रोटेक्शन बिल” पारित कराकर विशेष कानून बनाया जाए ताकि किसी भी सरकार के बिगड़ैल नुमाइंदे और नौकरशाह किसी भी पत्रकार को गैरकानूनी रूप से प्रताड़ित न कर सके. उनका एक ही वाक्य है- ” सरकारी नहीं सरोकारी पत्रकारिता की जाए”. पत्रकारों को न्याय दिलाने के लिए ऐसी पदयात्रा पर किसी पत्रकार के निकलने का कोई इतिहास हमारी स्मृति में नहीं है. हो सकता है आप उससे परिचित हो.

पत्रकारों और पत्रकारिता पर हो रहे अन्याय के प्रतिरोध की यह अकेली आवाज आज देश और प्रदेश में गूंज रही है जिन समाचार पत्र और मीडिया संस्थानों पर हमले के खिलाफ उनके मन में गुस्से का उबाल आया है.  भले वह उनकी इस पदयात्रा को ना दे रहे हो लेकिन हम सब जन सरोकार ई पत्रकारों का यह कर्तव्य बनता है कि अपने पत्रकार भाई आशीष चित्रांशी के साथ हम खड़े हो और बराबर लड़े. .

आइए! हम सब आशीष चित्रांशी की इस मांग का समर्थन करें और उनके इस साहसिक कदम को “जहां भी हैं जैसे हैं..” के आधार पर ताकत देने के लिए इस मांग को आगे बढ़ाएं-सरकारों पर दबाव बनाएं..

जय पत्रकारिता!              जय पत्रकार!!

गौरव अवस्थी
रायबरेली
91-9415-034-340 

नोट: सभी पत्रकार साथियों से अनुरोध है कि इसे अपने सभी व्हाट्सएप ग्रुप को सोशल मीडिया पर शेयर जरूर करें

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