कोरोना से बचने के लिए कैदियों ने योग को बनाया ढाल

0
194

रिपोर्ट मुकेश मिश्रा

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जेल के 3 हज़ार कैदियों ने किया योग

मोहनलालगंज। जिला जेल के कैदियों ने कोरोना से बचने के लिए योग को ढाल बनाया है। लॉक डाउन शुरू होते ही कोरोना संक्रमण के चलते 80 फीसदी कैदियों ने योग को दिनचर्या में शामिल कर लिया है। कैदी योग के जरिये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ ही तनाव और अवसाद को मात दे रहे हैं। सुबह बैरकों के खुलते ही कैदी योग शुरू कर देती हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर 3 हज़ार कैदियों ने योग किया। अवसाद में योग मददगार जेल के करीब 50 % कैदियों का कुछ वक्त बीतने पर उनकी सेहत पर जेल के माहौल का शारीरिक और मानसिक दोनों तौर पर असर होता है। इससे कैदी तनाव और अवसाद में चला जाता है। इसी के चलते कैदी आत्म हत्या जैसे कदम उठा के लिए विवश हो जाते हैं। नियमित योग से इससे निजात पायी जा सकती है। जेलर बने योग गुरू जेलर केके गुप्ता ,डिप्टी जेलर रविन्द्र सरोज और देव दर्शन सिंह कैदियों को नियमित योग सिखाते हैं। जेल में बने सांस्कृतिक भवन में यह योग गुरु कैदियों को सूर्य नमस्कार, प्राणायाम, कपालभाति , मेडिटेशन और रिलेक्सेशन की क्रियाएं कराते हैं। जिला जेल के वरिष्ठ अधीक्षक प्रेमनाथ पांडेय बताते हैं कि नियमित योग का मकसद कैदियों के तन और मन को शांत रखना। ताकि कैदी तनाव और आवसाद की गिरफ्त में न आएं। कोरोना काल में योग की उपयोगिता और बढ़ गई है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.