मुख्य चिकित्साधिकारी की पहल पर मिला मजदूर की बेटी को इलाज——

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रिपोर्ट अभय दीक्षित

—-इलाज का जिम्मा अवध फाउंडेशन ने उठाया

निगोहा।लाकडाउन के संकट में दो वक्त की रोटी के लिये जद्दोजहद करने वाले मजदूर पर उस समय संकट आ गया।जब उसकी पांच साल की बेटी की आंख में जानवर ने सींग मारकर आंख फोड़ दी। निजी अस्पताल में भारी रकम का खर्च बताने पर मजदूर के ऊपर मानो पहाड़ टूट पड़ा इस दौरान समाजसेवियों की मदद से अवध फाउंडेशन के लोग उसे मेडिकल कालेज मुख्य चिकित्साधिकारी के पास लेकर पहुचे जहा चिकित्साधिकारी ने उसका इलाज शुरू कराया और फाउंडेशन ने उसके पूरे इलाज की जिम्मेदारी भी ले ली।मदद मिलने मजदूर ने कहा हमे तो धरती पर मानो भगवान मिल गए।

निगोहा के मदारीखेड़ा गांव के रहने वाले मजूदर रियाज मजदूरी कर अपना परिवार चलाते है।लाकडाउन के दौरान मजदूरी रुकी तो खाने का संकट खड़ा हो गया था।किसी तरह इधर-उधर मांग कर दो जून की रोटी चला रहा था।पांच दिन पहले उसकी पांच साल की बेटी चांदनी की आंख में बकरी ने सींग मार आंख फोड़ दी इस पर मजदूर निगोहा के निजी अस्पताल ले गया।जहा पर तत्काल ऑपरेशन की बात कहकर भारी भरकम खर्च ऑपरेशन का बता दिया।इस पर मजदूर बेटी को लेकर घर पर बैठ गया।इस दौरान अवध इंटर नेशनल फाउंडेशन की मदद से समाजसेवी अखिलेश द्विवेदी, मुकेश मिश्रा, लेकर मेडिकल कालेज पहुचे जहा पूरी दांस्ता सुनकर मुख्य चिकित्साधिकारी फ्रोफेसर एस एन शंखवार ने खुद साथ जाकर आंख के फ्रोफेसर को दिखाया और खून की जांच कराई फिर खुद ही दवा खरीद कर दी इसके बाद रविवार कोरोना जांच के लिये बुलाया।और कहा सोमवार इसका ऑपरेशन होगा जिसके बाद धीरे धीरे इसके आंख की रोशनी वापस आएगी यह सुनकर मजदूर की आंखों में आंशू आ गए।

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