कोरोना को भगाने के लिये मऊ शिव मंदिर पर कराया हवन–

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रिपोर्ट मुकेश मिश्रा

—- हवन से उठने वाले धुंए से पूरा वातावरण शुद्ध हो जाता है

मोहनलालगंज।कोरोना से बचाव के लिए उठाए जा रहे एहतियाती कदमों के बीच अब जगह-जगह हवन भी शुरू हो गया है। कोरोना से मुक्ति के लिए सोमवार को मऊ शिव मंदिर में में राष्ट्र रक्षा हवन संपन्‍न किया गया। ब्राह्मण पंडित के साथ मंत्रों का सस्वर पाठ कर गांव देश ही नहीं पूरे भारत को इस महामारी से मुक्ति दिलाने की प्रार्थना की।

औषधीय सामग्री से हुआ हवन—-

पंडित  वैदिक के नेतृत्व में वैदिक मंत्रों के साथ गूग्‍गुल, धूप, जौ, इंद्रजौ, नागर मोथा, जटामासी, अगर, तगर, केसर, गुरुचि, सुगंध कोकिला, सुगंध बाला, भोजपत्र, नवग्रह लकड़ी, सूखा नारियल, चंदन चूर्ण, भष्म, समुद्र फेन, वच, देवदारु, आमा हल्दी, जायफल, सतावरि, नारायण धूप, करायल, सोठ, काली मिर्च, यवागू, पुत्रजीवक, घी जैसे औषधियों के साथ हवन कराया गया यजमान की भूमिका में मोहनलालगंज मऊ के पूर्व उप प्रधान अरुणेश प्रताप सिंह दल्लू  ने पूजन हवन कराया।

पंडित कृष्ण दत्त शुक्ला  ने कहा कि भारत में यज्ञ हवन की परंपरा रही है, आहूतियों की परंपरा रही है,  हवन से उठने वाले धुएं से पूरा वातावरण पवित्र हो जाता है। आज सनातनी परंपरा को विश्व ने माना है। अगर विश्व सनातनी परंपरा को मानता तो शायद कोरोना जैसी महामारी नहीं आती। आज लोग प्रकृति के साथ खेल रहे हैं। प्रकृति के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं तो निश्चित रूप से उन्हें प्रकृति दंड देगी। हवन यज्ञ के माध्यम से वैदिक मंत्रों के बीच हवन में आहुतियां औषधियों के साथ दी गई हैं।

हवन से  वातारण होगा शुद्ध———–

हवन के औषधियों  की आहूति से उठने वाले धुआं से कोरोना जैसे वायरस और तमाम बैक्टीरिया नष्ट होंगे ही, एक शुद्ध वातावरण का भी सृजन होगा। देवता हम पर प्रसन्न होंगे। भारत समृद्धशाली एवं स्वस्थ होगा। इस राष्ट्र रक्षा यज्ञ के माध्यम से हम समाज को संदेश भी देना चाहते हैं कि लोग सनातन परंपरारा का अनुसरण करें। अपने घरों में धूप, कपूर, गूग्‍गुल, लोहबान से हवन करें। निश्चित रूप से यह बीमारी हम से कोसों दूर रहेगी।

हवन में सोशल डिस्टिंग के साथ ग्रामीण भी शामिल हुए–

पं कृष्ण दत्त शुक्ला,आशीष द्विवेदी, राघवेंद्र तिवारी, अखिलेश द्विवेदी,उमेश सिंह, मनीष सिह,शालिनी सिह,उमा सिह,कृष्ण पाल सिंह,उत्तम सिह, सत्य नारायण द्विवेदी, सोशल डिस्टिंग का पालन करते हुए इस अवसर पर मंदिर में उपस्थित रहे।

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