महराजगंज चेयरमैन लापता, खोजने वाले को मिलेगी गरीबो की दुआए!

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रिपोर्ट अमित त्रिपाठी
महराजगंज रायबरेली। रोम जल रहा, नीरो वंशी बजा रहा। जी जनाब नगर पंचायत अध्यक्षा सरला साहू पर उपरोक्त पंक्तियाँ बिल्कुल सटीक बैठती है। अपना काम बनता-भाड़ में जाए जनता शायद इसी सोच क़े चलते नगर पंचायत चुनाव में चौखटो पएलगी करने वाली मोहतरमा ने लाकडाउन क़े 15 दिन बाद भी रोजी रोजगार छोड़ घर में बैठने वाले गरीब की झोपड़ी में पहुंच दुःख दर्द जानना तक भी मुनासिब नही समझा।
चेयरमैन क़े लापता होने और नगर की जनता से दूरी होने का मसला पहली बार नही इसके पूर्व खुद को गरीबो की हमदर्द बताने वाली चेयरमैन मोहतरमा क़े राज में इस बार ठंड ही नही पड़ी यह हम नही नगर पंचायत क़े आकड़े कहते है क्यूंकि सरकारी मद 2019-20 क़े वित्तीय वर्ष में कंबल बटे ही नही। नगर पंचायत क़े कार्यो क़े प्रति बेरुखी का दूसरा उदाहरण ठेका टैक्सी वाहन स्टैंड नीलामी में दिखाई पड़ा जहां सरकारी तिथि प्रकाशन क़े बाद भी अध्यक्षा क़े ना आने से बोली कैंसिल हो चली, हद तो तब हो गयी जब चेयरमैन महोदया कोरोना जैसे अति संवेदनशील मुद्दे को लेकर बुलाई गयी बोर्ड बैठक में प्रतिनिधित्व करने क़े बजाए नदारत दिखी। जिससें बैठक टल गयी।
वैसे तो मोदी जी कोरोना महामारी को लेकर दो बार टीवी पर आ गए किन्तु गुमान ऐसा की सरला साहू ने इस महामारी से बचाव में नगरवासियों से अपील करना भी अब तक मुनासिब नही समझा। खैर उनके पति एवं जिला पंचायत सदस्य प्रभात साहू पूरे समर्पण भाव से कस्बे की जनता की सेवा में दिन रात एक किए है लेकिन लोगो का कहना है की जिसको उन्होने वोट दिया वो तो पिछले छः महीने से लापता है और किसी को दिखाई तक नही पड़ी है, सुख दुःख में शामिल होने का दावा तो सरला साहू द्वारा नगर की भोली भाली जनता से किया गया था तो ऐसे आपातकालीन समय में उन्हें नगर का हाल तो लेना ही चाहिए। क्या वोट लेने क़े बाद जनता की समस्याओ का निराकरण करना चेयरमैन का फर्ज नही बनता। जिसको लेकर लोगो में आक्रोश भी दिखाई दे रहा। प्रकरण में नगर पंचायत कार्यालय स्थित चेयरमैन कक्ष क़े बाबत वहां क़े कर्मियों ने बताया की नाम वाली चेयरमैन सिर्फ झंडा फहराने क़े दिवसो में ही नगर पंचायत दिखाई पड़ती है बाकी काम वाले चेयरमैन ही नगर पंचायत क़े दायित्वों का निर्वहन करते है।

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