राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र में स्मृति ईरानी के प्रयास से मिले भोजन को पाकर खिल उठे प्रवासी श्रमिकों के चेहरे

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दिल्ली: सांसद राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र वायनाड के मलप्पुरम जनपद स्थित करुवाराकुंडु में अमेठी के 2 प्रवासी श्रमिकों सहित अन्य परदेसों के 35 लोगों के देश में फैले कोरोना वायरस से हुऐ लॉकडाउन में फंसने पर केंद्रीय मंत्री, सांसद अमेठी स्मृति ईरानी के हस्तक्षेप पर उन्हें बचाया जाना सम्भव हो सका है, इसका खुलासा केरल के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकासित 6 अप्रेल को पत्रकार गोविंदं कुट्टी की खबर से हुआ है श्री कुट्टी ने अपने खबर में यह भी दर्शाया है की सांसद राहुल गांधी ने दिसम्बर 2019 के बाद से वायनाड निर्वाचन क्षेत्र में नही गये हैं। वायनाड में छपी यह खबर अमेठी में सोशल मिडिया पर तेजी से वायरल होने से जहां एक और स्मृति ईरानी के कार्यों की सराहना हो रहीं है तो वहीं दूसरी और राहुल गांधी के गैर जिम्मेदाराना रवैया चर्चा का विषय बना है ।
केरल स्थित मलप्पुरम जनपद का करूवाराकुंडु इलाका वायनाड संसदीय क्षेत्र में आता है यहां के वर्तमान सांसद राहुल गांधी है, इनका पुराना वा पुस्तैनी निर्वाचन क्षेत्र अमेठी लोक सभा हुआ करता था, इन दिनों देश में चल रहे लॉकडाउन के चलते अमेठी के 2 श्रमिक प्रवासी के साथ-साथ असम, झारखण्ड, छत्तीसगढ़, सहित पश्चिम बंगाल के 35 अन्य प्रवासी श्रमिक करुवाराकुंडु वायनाड में फंसे होने से इनके सामने खाने पिने रहने आदि कि भारी समस्या खड़ी है, वायनाड में फंसे दोनों अमेठी के प्रवासी श्रमिकों के मदद कि गुहार उनके रिश्तेदारों ने केंद्रीय मंत्री सांसद अमेठी स्मृति ईरानी के कार्यालय में लगाई थी, प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने केंद्रीय विदेश और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री वी मुरलीधरन और केरल इकाई की स्वयं सेवी संस्था सेवा भारती से सम्पर्क कर प्रवासी श्रमिकों के मदद का आग्रह किया था स्मृति के निर्देश पर सेवा भारती ने चावल, दाल, सब्जी सहित किराने के जरूरत के सामान उपलब्ध कराते हुऐ स्थनीय पुलिस को सूचित कर सामुदायिक रसोई घर से भोजन की ब्यवस्था सुनिश्चित करवाई है, आरएसएस से प्रेरित सेवा संगठन ने स्थानीय स्वयं सेवकों को जिम्मेदारी सौपते हुऐ लॉकडाउन समाप्त होने तक प्रवासी श्रमिकों के भोजन आदि की जिम्मेदारी संभाली है, गौरतलब रहे की वायनाड के जिम्मेवार एजेंटों ने प्रवासी श्रमिकों को समझाने के बाद उन्हें उनके भाग्य पर छोड़ दिया था, तीन दिनों तक भूख से वंचित रहने के बाद स्मृति ईरानी के आग्रह पर प्रवासी श्रमिकों को सहूलियत मुहैया हुईं है, मामले में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निजी सचिव विजय कुमार गुप्ता ने बताया की दीदी जी केवल वायनाड ही नही जहां कही भी लोग भूखे है यथा संभव वहां उनके भोजन की ब्यवस्था करवा रहीं है, अमेठी के दो लोग वायनाड में तीन दिनों तक भूखे रहने की खबर केरल के एक अंग्रेजी अखबार में प्रकासित होकर सोशल मिडिया पर फैलते ही लोगों में चर्चा का विषय बनी है ।

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