अमेठी: हर रोज अपनी जान जोखिम में डालकर जाते हैं स्कूल

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मामला है अमेठी जिले का। हर रोज सुबह नौनिहाल बच्चों की कतारें हाईवे और रेलवे ट्रैक पर दिखाई देती हैं जो मौत के साए में हाईवे और रेलवे ट्रैक को पार करते हुए अपने विद्यालय और घर पहुंचते हैं। यहां लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर स्थित शासकीय प्राथमिक पाठशाला सराय सुलेमान और जमुवारी में हर दिन कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिलता है। जहां दर्जनों बच्चे जान जोखिम में डालकर हाइवे और रेलवे ट्रैक पार कर अपने स्कूल पहुंचते है। इस दौरान ट्रेनों का आवागमन होता रहता है।

बता दें मुसाफिरखाना ब्लॉक स्थित लखनऊ-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग-56 का चौड़ीकरण होने के बाद अब ये राष्ट्रीय राजमार्ग 731 का रूप ले चुका है। जिस पर लग्जरी व भारी वाहन फर्राटे भरते दिखाई देते हैं। इसके साथ ही संबंधित विभाग टोल टैक्स भी वसूल रहा है, लेकिन चौड़ीकरण की जद में आया प्राथमिक विद्यालय जमुवारी करीब 3 साल बीतने के बाद भी अपने अस्तित्व में नहीं आ सका है। जिसके कारण कई नौनिहालों ने तो पढ़ाई से मुंह मोड़ कर मेहनत-मजदूरी का रास्ता अख्तियार कर लिया है और जो बचे हैं वो जान हथेली पर लेकर शिक्षा हासिल करने के लिए हाइवे और रेलवे लाइन पार कर स्कूल की दहलीज तक पहुंचते हैं।

प्राथमिक विद्यालय जमुवारी सितंबर 2017 में राष्ट्रीय राजमार्ग 56 के किनारे सराय सुलेमान गांव में स्थित था। लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग के चौड़ीकरण में इस विद्यालय का अधिग्रहण कर लिया गया था और राजमार्ग के चौड़ीकरण में प्रभावित प्राथमिक विद्यालय जमुवारी के विस्थापन हेतु 45 लाख 78 हजार 300 सौ रुपये की धनराशि शिक्षा विभाग में अवमुक्त होना था, लेकिन यह राशि बेसिक शिक्षा विभाग में न पहुंचने के कारण नए विद्यालय का निर्माण शुरू नहीं हो सका है।

कागजी खेल के चलते यहां बच्चों की सुरक्षा व भविष्य दोनों दांव पर लगी है मुसाफिरखाना ब्लॉक के गांव सराय सुलेमान स्थित प्राथमिक विद्यालय जुमवारी में करीब 50 से बच्चे पढ़ते थे। उस समय विद्यालय से नजदीक गांव मोहनराम तिवारी का पुरवा, ओझा का पुरवा, गोसाई की मठिया, सराय सुलेमान, आदि के बच्चे पढ़ने आते विद्यालय के चौड़ीकरण के जद में आने से विद्यालय के पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा प्रभावित हुई है और करीब 23 छात्र और छात्राएं पढ़ने की ललक से गांव से दूर प्राथमिक विद्यालय सराय सुलेमान और जमुवारी तक, राष्ट्रीय राज्यमार्ग-731, राजकीय मार्ग व रेल क्रोसिंग पार कर पहुंच रहे हैं। जिससे जब तक बच्चे वापस सकुशल घर नहीं पहुंच जाते अभिभावक सशंकित रहते हैं।

बीएसए विनोद मिश्र का क्या है कहना?

अमेठी के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की आख्या पर फोरलेन चौड़ीकरण में प्रभावित हुए विद्यालय को प्राप्त होने वाले प्रतिकर 45,78,300 रुपये की संस्तुति उपजिलाधिकारी मुसाफिरखाना डेढ़ वर्ष पहले कर दिया था। जिस के संबंध में बीते 4 फरवरी 2019 को खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा पत्र प्रतिलिपि भी प्राप्त की गई। अभी तक धनराशि अवमुक्त ना होने से दूसरे विद्यालय का निर्माण अधर में लटका हुआ है। साथ ही कहा कि मेरे कार्यालय से कई बार पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन अभी धनराशि अवमुक्त न होने के कारण विद्यालय का निर्माण नहीं शुरू कराया जा सका। बच्चों की असुविधा को देखते हुए हम नए भवन की तलाश कर रहे है और जैसे ही हमें भवन मिल जाता है हम विद्यालय को उस भवन में शिफ्ट कर देंगे। हाइवे के दूसरी तरफ विद्यालय के नाम से जमीन भी है और जैसे ही पैसा मिल जाता है, उस पर नए विद्यालय का निर्माण शुरू हो जाएगा।

अमेठी से सफीर अहमद की रिपोर्ट

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