अमेठी: सुलह के नाम पर रची थी झूठी कहानी

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अमेठी: जायस मोहल्ला खरका निवासी शशांक पद्म भूषण पीएम डिजिटल साक्षरता योजना अन्तर्गत कम्प्यूटर की कोचिंग अपनी पत्नी गायत्री के साथ मिलकर चलाते थे। बीते 21 जून को गायत्री कोचिंग पढ़ा रही थी। कुछ अराजकता फैलाने वाले युवक सेन्टर मे घुसते ही शशांक की पत्नी गायत्री से अभद्र व्यवहार करने लगे।
शशांक ने विरोध किया तो मंजरुल हसन सहित पांच लोगों ने शशांक पद्म भूषण तथा उनकी पत्नी गायत्री को बहुत बेरहमी से चौराहे पर मारा पीटा,मारपीट की वीडियो वायरल हुई। रोगटे खडी कर देने वाली वीडियो देख स्थानीय पुलिस तत्काल हरकत मे आई। पांच लोगो के खिलाफ सगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अरोपी को जेल भेजा ।

जमानत से जेल से रिहा होकर आए पांचो लोग फिर से शशांक पद्म भूषण सहित उनके परिवार वालो को सुलाह के नाम पर धमकी देने लगे। और बीते 12 जनवरी को मंजरुल हसन अपनी लड़की को कोतवाली लेकर गया और लड़की से झूठा बयान दिलवाकर शशांक पद्म भूषण पर छेड़खानी का झूठा आरोप लगाने व साजिस के तहत सुलह के नाम पर झूठे केस मे फ़साने के फिराक में घूमने लगे। लेकिन पुलिस के सक्रियता से मंजरुल हसन के द्वारा दी गई तहरीर को स्थानीय पुलिस गम्भीरता से लिया, सारे तथ्व गलत पाये गये। दबंग लोग शशांक पद्म भूषण को झूठे आरोप लगाने में नाकामयाब रहे । बताते चले कि जिस दिन मंजरुल हसन तथा उनकी लड़की ने आरोप लगाया की मुझे 11 जनवरी को स्कूल से लौटते समय 3:15 बजे शशांक पद्म भूषण ने मेरे साथ छेड़छाड़ व मेरा दुपट्टा छीन लिया,ठीक उसी दिन शशांक पद्म भूषण का कम्प्यूटर डिप्लोमा ओ लेवल की परीक्षा लखनऊ में 2 बजे से 5 बजे तक हो रहा था। शिकायत पत्र में जिस समय पर आरोप लगाया गया ठीक उसी समय के अंतर्गत शशांक पद्म भूषण की परीक्षा चल रही थी। आरोप साबित करने दबंग युवक नाकामयाब रहे।

तिलोई से शैलेश नीलू की रिपोर्ट

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