आपका किया रक्तदान,जरूरतमंद के लिए हैं जीवनदान

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अमेठी: खून की कमी के कारण भारत में हर साल हजारों लोगों की जानें चली जाती हैं. देश को खून की सख्त जरूरत है और चिंता की बात यह है कि इस दिशा में कोई खास कदम उठाए नहीं जा रहे हैं

आमतौर पर अपने जन्मदिन और विवाह वर्षगांठ पर तो कई लोग ब्लड बैंक में आकर रक्तदान करते ही हैं। लेकिन, कुछ ऐसे भी विरले लोग है जो इन अवसरों पर संकल्प लेकर अवसर विशेष पर रक्तदान करने ब्लड बैंक पहुंचते है। ऐसी ही युवाओं में शामिल हैं अश्विन मिश्र यह मूलतः अमेठी उत्तर प्रदेश के रहने वाले है किंतु इन दिनों दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं। जब भी अश्विन को सूचना मिलती है कि रक्तदान की किसी को आवश्यकता हैं।

मदद के लिए आगे आते है बीते कई महीनों से अमेठी मुंशीगंज की कुसुम पाल एम्‍स नई दिल्ली में अपना इलाज करा रही थी डॉक्टर ने ऑपरेशन के लिए बोला साथ मे रक्त की व्यवस्था की बात कही कल शाम को कुसुम पाल के पति सुरेश पाल की मेट्रो में मुलाकात हुई पास में बैठे अश्विन से,उनसे बातचीत करते हुई पता चला सुरेश को ब्लड की आवश्यकता है।

अश्विन ने सुरेश से कहा आप निश्चित रहे आपको कल सुबह एम्‍स में ब्लड मिल जाएगा अश्विन ने आज अपने सारे कामकाज छोड़कर सुबह ही रक्तदान किया और सुरेश ने भावुक को कर अश्विन का आभार व्यक्त किया तो अश्विन बोले आभार की कोई बात नही हम सबको इंसानियत के नाते एक दूसरे की हेल्प करनी चाहिए आपको जब भी मौका मिले तो आप भी रक्तदान करे बहुत ही अच्छा लगेगा।

संवाददाता ने अश्विन से बातचीत की पूछा आप रक्तदान से कैसे प्रेरित हुए और यह कब से कर रहे है ?
अश्विन ने कहा -पिछले साल 31 अगस्त2018 को मेरे बाबा जी को न्यूरो की समस्या हुई उन्हें ट्रॉमा सेंटर लखनऊ एडमिट कराया उनका ऑपरेशन होना था तो रक्त की आवश्यकता थी कही से मुझे लखनऊ के इंदिरापुरम के रहने वाले अजित सिंह का नम्बर मिला उनको पूरी बात बताई कुछ ही घंटों में वह रक्तदान किया जोकि मुझे काफी प्रेरित किया की जिस इंसान से कभी मिला नहीं। वह जिस तरह से मदद किया वो दिल को छू लिया। तब से मैने शपथ ली कि रक्त बहुत जरूरी है

आपकी एक छोटी सी प्रयास से किसी की जिंदगी बच सकती है तो हम सबको यह प्रयास बार बार करना चाहिए अजित सिंह आज पूरे लखनऊ में हजारों की मदद किया साथ ही एक व्हाट्सएप ग्रुप भी चलते है जिस किसी को जरूरत पड़ती है उसका संदेश वह ग्रुप में शेयर करते है और अपने साथियों की मदद से मदद करते है यही सब देख कर मैं प्रेरित हुआ रही बात कब से रक्तदान कर रहा तो मैं 3 से 4 बार से कोशिश की किन्तु प्रयास सफल नही रहा आज पहली बार एम्‍स में रक्तदान किया और बहुत ही अच्छा महसूस हो रहा है साथ मे मैंने शपथ ली है “जब तक जीवन तब तक रक्तदान” आपके टीम के मदद से एक अपील करना चाहता हूँ कि आप लोगो को जागरूक करे रक्तदान मतलब महादान होता हम सबको हर तीन माह पर रक्तदान करना चाहिए जैसा कि आप जानते है खून की कमी के कारण भारत में हर साल हजारों लोगों की जानें चली जाती हैं हम सब अगर रक्तदान करना शुरु कर दे तो ऐसी खबर दुबारा नही सुनाने देखने को मिलेगी।

रक्तदान करने से क्या लाभ है आये जानते है डॉ राजन पाठक से –
डॉ पाठक का कहना है कि रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। यह न केवल किसी की जान बचाने में मदद करता है बल्कि रक्तदान के दौरान किए गए विभिन्न परीक्षणों के माध्यम से स्वयं के स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार करता है। रक्तदान करने से व्यक्ति के शरीर में कोई कमी नहीं होती और रक्तदान के बाद फिर से उतना ही रक्त बन जाता है। इसलिए सभी को समय समय पर रक्त दान करना चाहिए, ताकि जिन लोगों को रक्त की जरूरत होती है उन्हें समय पर रक्त मिल सके।

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