ठाकुरद्वारा मंदिर मे पुजारी व सुन्दर कान्ड समिति के लोगो के बीच झड़प

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बछरावां रायबरेली— -स्थानीय कस्बे मे स्थित ठाकुरद्वारा मंदिर , जोकि दशको पुराना है उस पर राजामऊ से आकर दुर्गा त्रिपाठी पुजारी ने अपना अवैध कब्जा और धन उगाही का अड्डा बना लिया है। प्रति वर्ष की भांति बीते जेष्ठ के प्रथम मंगलवार को सुंदरकांड समिति दृारा विशाल भन्डारें एवं धार्मिक कार्यकम का आयोजन शिवगढ रोड पर किया गया।
उसी भंडारे के सन्दर्भ में एक समीक्षा बैठक स्थानीय ठाकुरद्वारा मंदिर में कार्यकारिणी के सदस्यों द्वारा रखी गई थी । शाम के 8:00 बजे बैठक समिति के अध्यछ सतीश सिंह की उपस्थिति मे प्रारम्भ हुई ।तभी अचानक मंदिर के पुजारी आए और बोले बैठक समाप्त करिए । वह बड़ी सनक और गुस्से में थे उन्होने कहा कि आप लोग यहां से जाओ। अब मेरे सोने का समय हो गया है अब इस मंदिर में दोबारा कोई बैठक और कार्यक्रम मत करना यह मंदिर हमारा है।इस बात पर सतीश सिंह ने बड़ी ही विनम्रता से कहा कि थोड़ी देर में हम लोग चले जाएंगे।किन्तु पुजारी आवेश मे आते हुए अभद्रता से बर्ताव करने लगे और सभी लोगो को जबरन बाहर निकाल कर दुर्गा त्रिपाठी ने मंदिर के मेन गेट पर ताला बंद कर दिया।इस बात से कार्यकारिणी के सैकड़ों सदस्य पुजारी पर नाराज हो गए। एकत्रित होकर पुजारी के इस रवैय्ये के खिलाफ नारेबाजी करने लगे कि यह मंदिर बछरावां की संपत्ति है और तुम राजा मऊ से आकर इसे अपना कैसे कह सकते हो। ज्ञात हो कि पुजारी को ठाकुरद्वारा मंदिर समिति दृारा मंदिर के रखरखाव के एेवज मे रहने को स्थान भी दिया गया है किन्तु पुजारी ने पूरे मंदिर प्रांगण को अपने पिता की जागीर समझ ली है। विवाद बढ़ता देख पुजारी ने स्वयं सौ नंबर डायल करके पुलिस को बुलवाया। पुलिस के दर्जनों सिपाही मौके की नजाकत को समझते हुए मंदिर पहुंचे।पंडित जी को नीचे बुलाया तब पंडित जी नीचे आए और सिपाहियों से बताया कि सुंदरकांड समिति के लोग मंदिर के अंदर बैठकर शराब पी रहे थेजोकि सरासर गलत था। वहां पर उपस्थित लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की कि हम लोगों के मेडिकल टेस्ट करा लो तब सच्चाई सामने आ जाएगी।यह पुजारी धूर्त है झूठे आरोप लगा रहे है।सरासर आप लोगों को भी गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।इससे लोगों में भयंकर आक्रोश बढ़ गया इसी बीच पुजारी के दबंग लड़कों अतुल त्रिपाठी , विपुल त्रिपाठी , मृदुल त्रिपाठी प्रफुल्ल त्रिपाठी व उनकी पुत्री अल्पिका त्रिपाठी द्वारा नीचे आक्रोशित भीड़ पर ऊपर से ईट पत्थर चलाया जाने लगा
जिससे नीचे कवरेज कर रहे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार दीप चंद्र मिश्रा पुत्र कैलाश नाथ मिश्रा , आर्यन मिश्रा पुत्र राजेंद्र मिश्रा , अंकुर गुप्ता पुत्र अंजनी गुप्ता व शांतनु बाजपेई पुत्र प्रदीप कुमार बाजपेई गंभीर रूप से चोटिल हो गए।इन लोगों के चोटिल होने से भगदड़ मच गई। वहीं दर्जनों पुलिसकर्मी इस घटनाक्रम के केवल तमाशबीन बनते नजर आए। मौके की नजाकत को देखते हुए घायलों को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बछरावां पहुंचाया गया। वहां पर दीप चंद्र मिश्रा के दाएं हाथ का फ्रैक्चर हो गया था आर्यन मिश्रा का सर फूट गया था शांतनु बाजपेई का हाथ टूट गया था और वही अंकुर गुप्ता का हाथ और पैर दोनों में फ्रैक्चर हो गया था।वही थाने के ठीक नाक के नीचे इतनी बड़ी धार्मिक उन्माद की घटना हुई उपस्थित पुलिसकर्मियों ने प्रभारी निरीक्षक को मौके पर बुलाया लेकिन महोदय ने वहां जाना उचित नहीं समझा।उसके बाद मौके पर उपस्थित नागरिकों ने थाने का घेराव करके पुजारी व उनके पुत्रों पर मुकदमा दर्ज करके जेल भेजने में की मांग की। घटनास्थल पर नगर पंचायत अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ रामजी शशीकांत मिश्रा , मनोज मिश्रा राजेंद्र सिंह उर्फ राजू बाबा भूमंडल शुक्ला , चंद्र प्रकाश गुप्ता विनोद सोनी सभासद ज्ञान सिंह सभासद शकील मंसूरी सभासद सभासद प्रतिनिधि इंद्रेश चौधरी सभासद प्रतिनिधि मयंक रंजन आदि सैकड़ों नागरिक देर रात तक रुक कर अपना विरोध प्रदर्शन दर्ज कराया। सतीश सिंह दृारा मामले की प्रथम सूचना -स्थानीय थाने मे दी गई जिसके उपरान्त पुजारी दुर्गा पंडित को मौके से गिरफ्तार कर धारा 151 के विरूद्ध कार्यवाही की गई है।

रिपोर्ट अमित मिश्रा

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