बछरावां- कोटेदार की मनमानी व लूट से त्रस्त हो रहे हैं कार्ड धारक

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बछरावां रायबरेली _स्थानीय कस्बे के अंदर सार्वजनिक वितरण प्रणाली जनहितकारी होने के बजाय कोटेदारों के लिए स्व हित कारी योजना साबित हो रही है । नियमतः इन दुकानदारों को सरकार द्वारा निर्धारित समय के अनुसार प्रतिदिन खुलना चाहिए कार्ड धारक अपनी सुविधा के अनुसार जिस दिन चाहे खाद्यान्न ले सकता है । परन्तु बछरावॉ में यह नियम कहीं नजर नहीं आता है लगभग 70 प्रतिशत कोटेदार खाद्यान उठाने के बाद दुकानें बंद कर गायब हो जाते हैं। ऐसा ही एक दुकानदार मुख्य बाजार में स्थित है जिसका लाइसेंस सरफुद्दीन नामक व्यक्ति के नाम पर है खाद्यान्न उठने के बाद हफ्तों गायब हो जाना इस कोटेदार का नियम बन चुका है। दरअसल सरकार द्वारा का खाद्यान देने के लिए बायोमेट्रिक मशीन अंगूठा लगवा देने का नियम बनाया गया है । परंतु उसके साथ ही एक आदेश जारी कर दिया गया है एक निर्धारित समय के बाद कार्ड धारकों की यदि रेखाए नही मिलती है तो भी उन्हें राशन दे दिया जाए ।यह आदेश कोटेदारों के लिए वरदान साबित हो गया है । इसी का फायदा उठाकर सरफुद्दीन नाम के कोटेदार आए दिन कोटा बंद रखता है बेचारे कार्ड धारक परेशान हो जाते हैं कोटेदार के पास पांच वार्ड आवंटित है । गत् दिवस लोगों की शिकायत पर एक सभासद द्वारा कोटेदार को काफी भला-बुरा भी कहा गया परंतु उसकी सेहत पर कोई असर नहीं नजर नहीं आ रहा है कार्ड धारकों की मांग है कि उक्त कोटेदार के वितरक समस्त कार्डों का वितरण रजिस्टर से मिलान किया जाए तो प्रति महीने पच्चीसो हजार की लूट नजर आएगी ।लेकिन सवाल यह उठता है कि करेगा कौन ? कोटेदार की इस लूट में शायद नीचे से लेकर ऊपर तक सभी संबंधित अधिकारियों को हिस्सा जो मिलता है उसी के बल पर कोटेदार का कहना है कि मेरा कोई कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि इस लूट के धन को मैं अकेले ही नहीं पचाता हूं।

रिपोर्ट अमित मिश्रा

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