मोहनलालगंज-बेजुबानों के लिए किसी जेल से कम नहीं पशु आश्रय केन्द्र

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मोहनलालगंज।प्रदेश सरकार ने भले ही चुनाव को देखते हुए किसानो की बर्बाद हो रही फसल को बचाकर श्रेय लेने का काम किया , लेकिन बेजुबान जानवरो को चारा पानी भी नहीं मिलता जिससे मवेशी तेज धूप लगने के कारण सभी केंद्रों पर मरने लगे है । प्रशासन मौन धारण किए है ।जहां एक ओर किसानों की फसलो की सुरक्षा के मद्देनजर गांवो में पशुआश्रय केंद्र खुलवाने के लिए शासन स्तर पर कवायद शुरू हुई प्रशासन को सख्त दिशा निर्देश जारी किए गए थे , और पशुआश्रय केंद्रों में मवेशियों की देखरेख के लिए चौकीदारो की ब्यवस्था के साथ साथ मवेशियों के लिए चारे पानी का इंतजाम , व उनकी सेहत की देखरेख के लिए पशुपालन विभाग के जिम्मेदारो को हिदायत दी गई थी , जिम्मेदार अपनी जिम्मे दारी किस तरह निभा रहे है , इस बात का अंदाजा पशुआश्रय केंद्र मीरखनगर सहित अनेकों केंद्रों में पहुचकर , देखा जा सकता है , पशुआश्रय केंद्र में तैनात चौकीदार राजकुमार ने बताया कि पशुआश्रय केंद्र में करीब पिछले एक महीने से कोई भी अधिकारी नही आया है , और न ही पशुओ की नियमित जांच करने पशुपालन विभाग के जिम्मे दार ही आये , इतना ही नही पशुआश्रय केंद्र में कैद पशुओ के लिए चारे पानी की भी किल्लत है , और चिलचिलाती धूप में मवेशी खुले आसमान के नीचे मर मर कर जीने के लिए बेबस है जो कि बेजुबानों के लिए किसी जेल से कम नहीं है। प्रधान प्रतिनिधि मनीष वर्मा के अनुसार पशुआश्रय केंद्र में मवेशियों के चारा व पानी के इंतजाम के लिए समय से रुपयों की ब्यवस्था भी प्रशा सन से मुहैया न हो पाने के कारण बेजुबान मवेशी , असमय मर रहे है , और जिम्मेदार किसी प्रकार की सुनवाई नही कर रहे है , जिसका खामियाजा बेजुबानों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है । हमसे जहाँ तक बन सकता है हमने अपने पास से मवेशियों को खाने पीने का इंतजाम किया है, बीते रविवार को तीन मवेशी पशुआश्रय केंद में मरे है , और सोमवार को भी करीब तीन जानवरो को अपनी जान देकर प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा चुकाना पड़ रहा है , जिससे ग्रामीणों व पंचायत के जनप्रतिनिधियों में रोष व्याप्त है । वही दूसरी ओर ग्रामीणों ने प्रशासनिक अमले की कड़ीआलोचना करते हुए , उनकी उदासीनता पर भारी रोष ब्यक्त किया , और जिम्मेदार अधिकारियों को अपने कार्य को सही तरीके से न करने का आरोप लगाया , और इससे सरकार की किरकिरी करा रहे है जब उपजिलाधिकारी सूर्य कांत त्रिपाठी से बात की तो अनभिज्ञयता व्यक्त की ।

शिव बालक गौतम की रिपोर्ट

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