सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बना मरीजों को लूटने का अडडा

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अमेठी: जनपद के अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शुकुल बाज़ार के डाक्टरों द्वारा आए दिन मरीजों को बाहरी दवाए लिखी जाती है और सारी दवाए बाहरी व सेटिंग की दवाएं मरीजों को लिखी जाती है जबकि मरीजों के पूछने पर पता चलता है कि सभी दवाए यहाँ पर उपलब्ध है यही बात यहाँ के डाक्टरों से पूंछने पर मरीजों के साथ अभद्रता की जाती है और मरीज ऐसे में मजबूर होकर बाहर से दवाए लेने के लिए मजबूर होता है और इस बाबत मुख्य चिकित्सा अधिकारी अमेठी से भी बात की गई तो उन्होंने यही कहा कि सब दवाए यहाँ पर उपलब्ध है तों सवाल यह भी उठता है कि सरकार के द्वारा प्रदान की गई दवाए कहा जाती हैं और आए दिन मरीजों के लिए यही दिक्कत हो रही है और मरीजों के साथ यहाँ के डाक्टर कैसा व्यवहार करते हैं यह यहाँ की जनता बखूबी जानतीं हैं ऐसे में ये दानव रूपी ईलाज के मसीहाओ का क्या भरोसा यह सिर्फ लूटने के लिए बैठे हैं।

फिलहाल ईलाज में भी बडी लापरवाही उजागर हो गयी है जिससे जनता काफी परेशान है और डाक्टरों की लापरवाही इस कदर हावी है कि मरीज ईलाज हेतु आते है और उनके द्वारा ज्यादा कुछ पूछने पर कहा जाता है कि यहां से बाहर जाओ और अन्य कहीं ईलाज करवा लो क्या एक डाक्टर का यही दायित्व है कि मरीज के साथ इस तरह का अनुचित व्यवहार मरीजों के साथ किया जाए और यह एक दिन की बात नहीं है प्रतिदिन यह यहाँ का यह निजाम है ऐसे डाक्टरों से कोई कैसे ईलाज कराए इन डाक्टरों के कारनामों सही ना होने के कारण ग्रामीण व मरीजों की हालत काफी बदतर है और जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी से यह निवेदन है कि इसकी जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिये।

जिससे भविष्य में यहाँ के डाक्टरों के द्वारा की जा रही लापरवाही बंद हो और सभी दवाए मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के द्वारा दी जाए और जनता को सरकार के द्वारा प्रदान की गई दवाए व सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए जिससे जनता को राहत मिल सके और अपना ईलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शुकुल बाज़ार में करवा सके और इन डाक्टरों के द्वारा मरीजों के साथ किए जा रहे अभद्र भाषा का प्रयोग बंद किया जा सके और डाक्टरों द्वारा बाहर से लिखने वाली दवाए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र शुकुल बाज़ार में डाक्टरों द्वारा मरीजों को मिल सके ।

अमेठी से आदित्य बरनवाल की रिपोर्ट

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